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कैप्टन और आढ़तियों की बैठक : किसानों को सीधे भुगतान का किया विरोध, सीएम बोले- इस लड़ाई में हम आपके साथ

Fri, 02 Apr 2021 01:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • फसल खरीद की सीधी अदायगी पर आढ़तियों को दिया भरोसा
  • कहा- केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी
  • आढ़तियों की बकाया 131 करोड़ की राशि जारी करने को कहा
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अनाज खरीद की अदायगी सीधे किसानों के खातों में भेजने के केंद्र सरकार के ताजा आदेश पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर आढ़तियों के साथ है। राज्य के आढ़तियों के साथ वर्चुअल मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दरवाजे हमेशा आपके लिए खुले हैं।

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राज्य सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी और किसानों को आढ़तियों के जरिए भुगतान की स्थापित प्रणाली को तबाह करने वाले केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने एलान किया कि पंजाब में आढ़ती खरीद प्रणाली का अटूट हिस्सा बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को आढ़तियों की बकाया 131 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने का आदेश भी दिया।

डीबीटी के मुद्दे पर पीएम से मिलने की उम्मीद नहीं : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डीबीटी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए समय मांगा है, जो शायद अलग-अलग राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। कैप्टन ने कहा कि वह यह नहीं सोचते कि प्रधानमंत्री उनको मिलने के लिए समय देंगे, लेकिन वह और उनकी सरकार केंद्र सरकार को पत्र लिखने और उनके दरवाजे खड़काना जारी रखेगी। 

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कैप्टन ने आढ़तियों को बताया कि उन्होंने 19 मार्च को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी निजी तौर पर बातचीत की थी। केंद्रीय मंत्री ने उनको इस मसले पर मदद का भरोसा दिया था। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों संबंधी मंत्री भरत भूषण आशु ने इस मुद्दे को लेकर अमित शाह के साथ मुलाकात की थी।

आढ़तियों ने हरियाणा सरकार का किया विरोध
बैठक के दौरान फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन ऑफ पंजाब ने हरियाणा पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की डीबीटी के प्रस्ताव को स्वीकार करके उनके साथ धोखा किया गया है। उन्होंने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सिक्के के दो पहलू करार दिया। 

उन्होंने कैप्टन से कहा कि हालांकि हम आप पर भरोसा करते हैं। आढ़तियों की तरफ से अदायगी पर मौजूदा व्यवस्था कायम रखने के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम से सभी बकाए के निपटारे की मांग की जा रही है। उनकी तरफ से मंडियों में लाई जाने वाली किसानों की उपज को जमीनी रिकॉर्ड के साथ जोड़ने का भी विरोध किया जा रहा है।

फेडरेशन के प्रधान विजय कालड़ा के नेतृत्व में आढ़तियों ने कहा कि मौजूदा एपीएमसी एक्ट या नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जो इसे जमीनी रिकार्ड के साथ जोड़ने या किसानों से ऐसा डाटा मांगती हो। यदि इसे लागू भी किया जाना है तो इस सूरत में भी एपीएमसी के नियमों में संशोधन करना होगा।
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