कैप्टन ने आढ़तियों को बताया कि उन्होंने 19 मार्च को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी निजी तौर पर बातचीत की थी। केंद्रीय मंत्री ने उनको इस मसले पर मदद का भरोसा दिया था। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों संबंधी मंत्री भरत भूषण आशु ने इस मुद्दे को लेकर अमित शाह के साथ मुलाकात की थी।
आढ़तियों ने हरियाणा सरकार का किया विरोध
बैठक के दौरान फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन ऑफ पंजाब ने हरियाणा पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की डीबीटी के प्रस्ताव को स्वीकार करके उनके साथ धोखा किया गया है। उन्होंने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सिक्के के दो पहलू करार दिया।
उन्होंने कैप्टन से कहा कि हालांकि हम आप पर भरोसा करते हैं। आढ़तियों की तरफ से अदायगी पर मौजूदा व्यवस्था कायम रखने के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम से सभी बकाए के निपटारे की मांग की जा रही है। उनकी तरफ से मंडियों में लाई जाने वाली किसानों की उपज को जमीनी रिकॉर्ड के साथ जोड़ने का भी विरोध किया जा रहा है।
फेडरेशन के प्रधान विजय कालड़ा के नेतृत्व में आढ़तियों ने कहा कि मौजूदा एपीएमसी एक्ट या नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जो इसे जमीनी रिकार्ड के साथ जोड़ने या किसानों से ऐसा डाटा मांगती हो। यदि इसे लागू भी किया जाना है तो इस सूरत में भी एपीएमसी के नियमों में संशोधन करना होगा।