केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी की मुलाकात
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शेखावत के साथ मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि पानी एक राष्ट्रीय समस्या बन चुका है और इस पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार करने और हल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय मीटिंग क्षेत्रवार भी की जा सकती है, जिससे इस संबंध में प्रक्रिया को और ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जानी चाहिए। कैप्टन ने देश में पानी के संकट की बिगड़ती स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इस अनमोल कुदरती स्रोत को बचाने के लिए यह मीटिंग आम सहमति बनाने में मददगार होंगी।
जल शक्ति मंत्री से एसवाईएल पर विचार नहीं: कैप्टन
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ मीटिंग के दौरान एसवाईएल मुद्दे पर कोई विचार नहीं हुआ क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मीटिंग के दौरान पंजाब के बुड्डे नाले की समस्या पर विचार किया गया और उन्होंने शेखावत को भरोसा दिलाया कि इसकी सफाई के काम की प्रक्रिया चल रही है।
राज्य सरकार ने इस काम के लिए दो साल की समय सीमा निर्धारित की है। कैप्टन ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि विभिन्न उद्योगों के गंदे पानी से बुड्डे नाले को आगे और प्रभावित होने से रोकने के लिए एसटीपी को कार्यशील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रंगाई उद्योग इस समस्या का बड़ा कारण है।
पंजाब की ‘बिजली बचाओ, पैसा कमाओ’ स्कीम की सराहना
शेखावत ने पंजाब की ‘बिजली बचाओ, पैसा कमाओ’ स्कीम की प्रशंसा की। सिंचाई के लिए 85 प्रतिशत पानी का प्रयोग किये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अगर कृषि के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पानी में से 10 प्रतिशत पानी बचा लिया जाये तो अगले 50 वर्षों में भारत का पानी संकट हल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को इस मुहिम का नेतृत्व करना चाहिए और पानी बचाने के लिए लोगों को उत्साहित करना चाहिए। कैप्टन ने बताया कि राज्य सरकार ने बेकार हो चुके ट्यूबवेलों के जरिए भूजल रिचार्ज करने के एक प्रमुख प्रोग्राम की योजना बनाई है।