विजय कुमार जंजुआ, केएपी सिन्हा और अनुराग वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के मुख्य सचिव पद से विजय कुमार जंजुआ का जाना तय हो गया है। वह 30 जून को रिटायर होंगे। केंद्र सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के आग्रह संबंधी फाइल पर चुप्पी साध ली है। पंजाब सरकार ने नए मुख्य सचिव के लिए अफसरों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इसमें कई नाम हैं। वहीं, राज्य सरकार ने 21 जून को जंजुआ से पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) के चेयरमैन पद के लिए आवेदन दाखिल करा दिया है।
राज्य सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव पद पर सेवा विस्तार देने के लिए करीब डेढ़ महीना पहले पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक आला अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने लिखा था कि जंजुआ को मुख्य सचिव बनाए रखने की जरूरत है लेकिन केंद्र से मंजूरी न मिलने के कारण अब राज्य सरकार ने जंजुआ को नए पद के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है।
बुधवार को इस संबंध में पत्रकारों ने जब विजय कुमार जंजुआ से जानना चाहा तो वह सभी सवालों को टाल गए। हालांकि, दूसरी तरफ मुख्य सचिव का पद हासिल करने के इच्छुक सीनियर अफसरों ने मुख्यमंत्री मान से लेकर दिल्ली में केंद्र सरकार तक अपने संपर्क साधना शुरू कर दिए हैं।
अनुराग वर्मा और केएपी सिन्हा के नाम सबसे आगे
राज्य सरकार के पास वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस अफसरों की लंबी सूची है लेकिन अगले मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर मौजूदा अतिरिक्त मुख्य सचिव 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग वर्मा और 1992 बैच के आईएएस अधिकारी केएपी सिन्हा के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
इनके अलावा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी वीके सिंह, अनिरुद्ध तिवारी, विनी महाजन, अंजली भावरा, रवनीत कौर के नाम भी दौड़ में शामिल हैं। दरअसल, इन अफसरों में रवनीत कौर इस साल 31 अक्तूबर को रिटायर होने वाली हैं। उनके अलावा बाकी सभी अफसरों का 2024 से 2027 तक कार्यकाल बाकी है।