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पंजाब सीएम चन्नी बोले: 'सुरक्षा में चूक नहीं हुई, किसानों पर लाठी नहीं चलवा सकते थे, PMO से दौरा रद्द करने को कहा था'

Wed, 05 Jan 2022 05:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि सड़क से यात्रा का फैसला अंतिम समय में लिया गया।   
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फिरोजपुर में भाजपा की निर्धारित रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वापसी पर खेद व्यक्त करते हुए इस मामले में किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक से इनकार किया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी है इसलिए मामले की जांच जरूर की जाएगी।

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बुधवार शाम प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री चन्नी ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पंजाब में सुरक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि ‘मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री मोदी को फिरोजपुर जिले के दौरे के दौरान वापस लौटना पड़ा। हम अपने प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं। अगर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कोई सुरक्षा में चूक हुई है तो हम जांच करेंगे। प्रधानमंत्री को कोई खतरा नहीं था।’
 
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री के काफिले के अचानक मार्ग परिवर्तन के बारे में राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के दौरे और उसके मार्ग व यात्रा के साधनों संबंधी विवरण भी पत्रकारों के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के बारे में विस्तृत यात्रा कार्यक्रम मिल गया था। बठिंडा एयरपोर्ट से फिरोजपुर तक पीएम को हेलीकॉप्टर से पहुंचना था, जिसके लिए राज्य सरकार ने तीन हेलीपैड बनवाए थे ताकि परिस्थितियों के अनुसार किसी भी हेलीपैड का उपयोग किया जा सके।
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पीएम को खतरा नहीं था, वापसी का खुद लिया फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का अचानक सड़क मार्ग से जाना और इस रास्ते को अचानक ही प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरुद्ध कर देना सुरक्षा की चूक नहीं है। प्रधानमंत्री को इस घटना से कोई खतरा नहीं था। प्रधानमंत्री और उनकी टीम ने वापस लौटने का खुद फैसला लिया था, जिसका हमें खेद है। फिरोजपुर में रैली स्थल पर 70 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं और लोग केवल 700 ही पहुंचे थे तो इसके लिए मैं क्या कर सकता हूं? चन्नी ने कहा कि हमें यही जानकारी दी गई थी कि प्रधानमंत्री हवाई मार्ग से फिरोजपुर जाएंगे लेकिन अचानक ही वह सड़क मार्ग से निकले, जब रास्ते में प्रदर्शनकारी धरना दे रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों को प्यार से हटाया जा सकता था। अभी तक हमने इस मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री या उनके काफिले पर हमले वाली कोई बात नहीं थी। मार्ग अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारी कोई आतंकवादी नहीं थे। 



प्रधानमंत्री को यात्रा स्थगित करने को कहा था: चन्नी
मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा- ‘हमने उनसे (पीएमओ) खराब मौसम की स्थिति और किसानों के विरोध के कारण यात्रा स्थगित करने के लिए कहा था। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के अचानक मार्ग परिवर्तन की कोई सूचना नहीं थी। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है।’ यह बताते हुए कि प्रधानमंत्री के काफिले का रास्ता किसानों ने अवरुद्ध किया था, चन्नी ने कहा- ‘किसान पिछले एक साल से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। मैं किसानों पर लाठीचार्ज नहीं करने जा रहा हूं। हमने पूरी रात किसानों से बात की, जिसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। आज अचानक कुछ आंदोलनकारी फिरोजपुर जिले में जमा हो गए।’

काफिला रोके जाने पर अमित शाह का फोन आया था: चन्नी
मुख्यमंत्री चन्नी ने बताया कि जब किसानों ने प्रधानमंत्री के काफिले का मार्ग अवरुद्ध किया तो उनके पास केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का फोन आया था। हालांकि चन्नी ने यह भी कहा कि जेपी नड्डा का उन्हें कोई फोन नहीं आया था। अमित शाह ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि प्रधानमंत्री वापस जा रहे हैं। चन्नी ने कहा- ‘मैंने अमित शाह जी से कहा कि जो कुछ भी हुआ है, उसकी जांच की जाएगी।’ इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रालय से उन्हें कल रात 1 बजे भी फोन आया था और प्रधानमंत्री के मार्ग को क्लीयर करने के लिए कहा गया था। चन्नी ने कहा कि रात 3 बजे तक किसानों के बात करके हमने सारे रास्ते क्लीयर करवा दिए थे। इसके लिए हमने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगें मान ली जाएंगी।

हम घर आए मेहमान पर आंच नहीं आने देते: चन्नी
मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के दौरान कुछ उद्घाटन और कुछ राजनीतिक रैलियां करनी थी लेकिन उन्हें कार्यक्रम रद्द कर वापस जाना पड़ा, जिसमें हमें खेद है। वह देश के और हमारे भी पीएम हैं और हम उनका सम्मान करते हैं। हम घर आए मेहमान पर आंच नहीं आने देते। इस मामले में भाजपा को सियासत नहीं करनी चाहिए। चन्नी ने कहा कि भाजपा के नेता बयानबाजी कर हालात खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री पंजाब में कार्यक्रम करते तो राज्य को भी कुछ देकर जाते।

‘मुझे हरियाणा सीएम आवास के करीब रोका, मैं भी सवाल उठाऊं’
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग किए जाने के बारे में मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि मंगलवार रात 9.30 बजे जब वह अपने घर जा रहे थे तो हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के करीब उन्हें कुछ बेरोजगार प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। उन्होंने कहा- ‘अब क्या मैं भी इस पर सवाल खड़े कर दूं। यूटी पुलिस का इलाका है, कह दूं कि मुझ पर हमला हो सकता था।’

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