10 साल के समय को गिनने के मौके पर नोशनल ब्रेक को विचारा नहीं जाएगा। 10 साल का समय गिनने के लिए मुलाजिम ने इन 10 साल में से प्रत्येक में कम से कम 240 दिनों की मियाद के लिए काम किया होना चाहिए। इन मुलाजिमों को निर्धारित सेवा नियमों के अंतर्गत सेवा में मंजूर पदों के नियमित काडर में नहीं रखा जाएगा बल्कि इनके लिए विशेष काडर के पद सृजित किए जाएंगे। इस नीति के क्लॉज 2 और 3 के मुताबिक लाभार्थी मुलाजिमों को रखने की प्रक्रिया इस नीति के अंतर्गत नौकरी लेने के लिए मुलाजिम की तरफ से आवेदन फार्म जमा करवाने से शुरू होगी।
पंजाब स्टेट एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी को हरी झंडी
पंजाब कैबिनेट ने राज्य में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए मंगलवार को पंजाब स्टेट एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी को भी हरी झंडी दे दी। यह पॉलिसी एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्टों की मंजूरी को एक पारदर्शी तरीका प्रदान करेगी, जिसे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली एक अधिकृत कमेटी और विभिन्न मापदंड के जरिये मंजूरी दी जाएगी। इसी पारदर्शी तरीके से प्रत्येक प्रोजेक्ट का मूल्यांकन भी होगा। इस नीति के जरिये सिंगल-विंडो सिस्टम के साथ-साथ अलग-अलग स्तरों पर अंतर-विभागीय तालमेल को आसान बनाया जाएगा।
इस पॉलिसी के अनुसार, शुरुआती स्तर पर राज्य में एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की आज्ञा मान्यता प्राप्त नेशनल एडवेंचर स्पोर्ट फेडरेशनों को दी जाएगी, क्योंकि वह सुरक्षा संबंधी मुद्दों को बेहतर ढंग से निपट सकती है। राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जहां तक संभव हो सके, स्थल दो सालों की मियाद के लिए मुफ्त दिए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में यह खेल करवाए जाएंगे, उन क्षेत्रों में रोजगार पैदा होने के साथ-साथ समूची आर्थिक प्रगति होगी।
पंजाब स्टेट वाटर टूरिज्म पॉलिसी को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट वाटर टूरिज्म पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है, जिसके अंतर्गत राज्य में जलघरों के नजदीक निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पॉलिसी वाटर टूरिज्म प्रोजेक्टों की मंजूरी के लिए एक पारदर्शी ढंग प्रदान करेगी। जल स्रोतों की कमी और इस पॉलिसी से आर्थिक क्षमता बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जल पर्यटन प्रोजेक्टों को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली एक अधिकृत कमेटी द्वारा ही मंजूरी दी जाएंगी। यह पॉलिसी लंबे समय तक आर्थिक लाभ प्रदान करेगी और प्रोजेक्टों का चयन भावी विकास की संभावना पर निर्भर करेगा जिस कारण राज्य को एक प्रसिद्ध और स्मार्ट पर्यटन स्थान के तौर पर विकसित किया जा सकेगा।