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पंजाब कैबिनेट का फैसला : ऑक्सीजन उत्पादक इकाइयों को दिया प्राथमिक क्षेत्र का दर्जा, नोडल अधिकारी नियुक्त

Wed, 05 May 2021 10:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ने के आसार हैं और यह कोई भी नहीं जानता कि देश और राज्य में कोविड की और कितनी लहरें आएंगी। मंत्रिमंडल की वर्चुअल ढंग से बुधवार हुई मीटिंग में इस दर्जे पर मुहर लगाई गई और यह दर्जा रोजाना कम से कम 700 सिलिंडर (5 एमटी) ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता वाली इकाइयों, ऑक्सीजन सिलिंडर उत्पादकों व निर्माण करने वालों और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उत्पादक इकाइयों पर लागू होगा। 
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पंजाब कैबिनेट। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब में बढ़ते कोविड मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कैबिनेट ने बुधवार को सभी ऑक्सीजन उत्पादक इकाइयों को प्राथमिक क्षेत्र का दर्जा देने को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही विदेशी मदद की राह आसान बनाने के लिए कस्टम विभाग के साथ तालमेल बनाने के उद्देश्य से एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ने के आसार हैं और यह कोई भी नहीं जानता कि देश और राज्य में कोविड की और कितनी लहरें आएंगी। मंत्रिमंडल की वर्चुअल ढंग से बुधवार हुई मीटिंग में इस दर्जे पर मुहर लगाई गई और यह दर्जा रोजाना कम से कम 700 सिलिंडर (5 एमटी) ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता वाली इकाइयों, ऑक्सीजन सिलिंडर उत्पादकों व निर्माण करने वालों और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उत्पादक इकाइयों पर लागू होगा। 

ऑक्सीजन की पुन: भराई करने वाली इकाइयां विशेष दर्जे के तहत नहीं आएंगी। इस फैसले से ये इकाइयां (नई और पुरानी दोनों) सीएलयू/बाहरी विकास खर्चा (ईडीसी), प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली चुंगी, स्टांप ड्यूटी और निवेश सब्सिडी, जोकि जमीन और मशीनरी में किए गए पूंजीगत निवेश के 125 प्रतिशत तक जीएसटी की प्रतिपूर्ति द्वारा दी जाती है, से 100 प्रतिशत छूट ले सकेंगी। 

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उल्लेखनीय है कि ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों को प्राथमिक क्षेत्र का दर्जा औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति, 2017 के चैप्टर 10 के क्लॉज 10.6 और विस्तृत स्कीमों और परिचालन दिशा-निर्देशों 2018 के क्लॉज 2.22 के अंतर्गत दिया गया है। मंत्रिमंडल द्वारा उपरोक्त फैसला राज्य में कोविड महामारी के कारण बढ़े मामलों के बाद ऑक्सीजन की कमी से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर लिया गया है। 

मौजूदा समय में पंजाब को राज्य के बाहर से रोजाना 195 एमटी ऑक्सीजन आपूर्ति होती है। इसमें आइनॉक्स प्लांट बद्दी से 60 एमटी, पानीपत के एयर लीक्विडे प्लांट से 20 एमटी, रुड़की के एयर लिक्विडे प्लांट से 15 एमटी, देहरादून के लींडे प्लांट से 10 एमटी और बोकारो के आइनॉक्स प्लांट से 90 एमटी की सप्लाई शामिल है। लेकिन वास्तव में रोजाना इन सभी प्लांटों से सिर्फ 140 एमटी की सप्लाई ही मिल पाती है। टैंकरों की कमी के कारण ऑक्सीजन लाने में मुश्किल होती है।
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