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तरनतारन में लॉ यूनिवर्सिटी की होगी स्थापना, पढ़ें- पंजाब कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले

Tue, 25 Aug 2020 10:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट की बैठक (फाइल फोटो)
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पंजाब कैबिनेट ने नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाने के हिस्से के तौर पर सीमावर्ती जिले तरनतारन में एक लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बारे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एलान किया गया था।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ‘श्री गुरु तेग बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ बिल -2020’ को पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। बिल का मसौदा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें ‘कानूनी शिक्षा के विकास और उन्नति व कानून के क्षेत्र और संबंधित मामलों के लिए विशेष व योजनाबद्ध निर्देश, अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्यों के साथ एक स्टेट यूनिवर्सिटी स्थापित करना है।’

पंजाब ने केंद्र से मांगा मुआवजा 
कोरोना और लॉकडाउन के कारण राजस्व घाटे का हवाला देते हुए पंजाब कैबिनेट ने मंगलवार को केंद्र से राज्य की कठिन समय में मदद के लिए उचित मुआवजे की मांग की। महामारी के चलते वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पाया कि 2020-21 की पहली तिमाही में राजस्व संग्रह में भारी गिरावट आई है। 

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अनुमान है कि पूरे वित्तीय साल में इस हालत में सुधार नहीं होगा। वित्त विभाग की तरफ से बताया गया कि अप्रैल-जून 2020 के दौरान राज्य के अपने टैक्स एकत्रित करने में कुल 51 प्रतिशत की गिरावट आई है और इस समय के दौरान बजट अनुमानों के मुकाबले केवल जीएसटी का घाटा 61 प्रतिशत है। 

इस तिमाही में जीएसटी और वैट राजस्व एकत्रित करने में एक साथ 54 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल-जून तिमाही में कुल राजस्व प्राप्तियों में 21 प्रतिशत गिरावट आई है। राज्य के गैर टैक्स राजस्व एकत्रित करने के मामले में वित्तीय साल 2020-21 की पहली तिमाही के बजट अनुमानों के मुकाबले 68 प्रतिशत का घाटा हुआ है। कैबिनेट ने इस पर चिंता जाहिर की है। 

पहले से जारी पांच अध्यादेश विधानसभा सत्र में पेश होंगे
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को पंजाब विधानसभा के अगले सत्र में पंजाब सरकार द्वारा पहले जारी किए गए पांच अध्यादेशों को लागू करने की मंजूरी दे दी। इनमें निजी क्लीनिकों को नियमित करना, कोविड महामारी के दौरान कुछ कैदियों की अस्थायी रिहाई, निजी नशा मुक्ति केंद्रों द्वारा दवा वितरण का विनियमन, औद्योगिक विवाद और बाल श्रम संबंधी बिल शामिल हैं।

पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2020 लागू करने संबंधी प्रस्ताव मंजूर
पंजाब कैबिनेट ने पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2020 को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस तरह पीजीएसटी के अधीन कर वसूलने और एकत्रित करने के प्रावधानों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, उक्त संशोधन विधेयक लागू होने से न केवल प्रबंधों और प्रक्रियाओं में सरलता आएगी बल्कि इसे उपभोक्ता समर्थक भी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब वस्तुएं और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2020 में जीएसटी के अधीन कर वसूलने और एकत्रित करने की प्रक्रिया में बदलाव करने पर विचार किया गया है, जोकि करदाताओं के लिए असरदार और आसान होगा। 
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