उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की ठोस कार्रवाई के कारण ही 1984 सिख दंगों के केस दोबारा खुले थे और एसआईटी ने दोबारा जांच की थी, जिसके कारण दोषी सज्जन कुमार को जेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जगदीश टाईटलर तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी शीघ्र ही यही हाल होगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने 550वें प्रकाश पर्व समागम मनाने में सहायता की है तथा करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया है, उससे सारी नानक नाम लेवा संगत की अरदासें पूरी हो गई हैं।
बादल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और अकाली दल इसके सभी आदेशों का पाबंद है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब हरप्रीत सिंह की ओर से सबको राजनीति से परहेज करने के आग्रह के बाद भी कांग्रेस पार्टी अभी भी राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मिले मंत्री कुछ और कहते हैं तथा मुख्यमंत्री उसके विपरीत बोल रहे हैं। सीएम कह रहे हैं कि एसजीपीसी सिर्फ गुरुद्वारा साहिब तक सीमित रहे और गुरुद्वारा साहिब के बाहर समागमों का संचालन सरकार पर छोड़ दे। उन्होंने कहा कि जब सारी सिख कौम एकता का संदेश देने के लिए एकत्र हुई है तो इस अवसर पर ऐसी शर्तें रखना पंथ के हित में नहीं है।