उन्होंने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की 6279 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां भगवंत मान सरकार ने अदा की हैं। बिजली सब्सिडी के बकाये 9000 करोड़ रुपये 1000 करोड़ रुपये लिक्वीडेशन योजना के अनुसार जारी किए जा रहे हैं। पावर निगम को 2468 करोड़ रुपये के बकाया जारी किए गए हैं। यूजीसी स्केल और जुडिशियल पे कमीशन जो कि एक जनवरी 2016 से बकाया था। इस सरकार की तरफ से लागू किया गया है।
स्पीकर ने नौकरियों संबंधी सूची नेता प्रतिपक्ष को भेजीः चीमा
वित्त मंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष के कुछ सदस्यों ने सवाल किया था कि कौन से कौन से विभागों में नौकरियां दीं गई हैं, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा स्पीकर की ओर से विरोधी पक्ष के नेता को सूची भेज दी है। कुछ सदस्यों ने कहा कि शिक्षा का बजट कम हुआ है, जबकि शिक्षा के बजट में 11.5 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। इसी तरह कृषि के बारे भी चर्चा की गई, जिसमें पिछले साल के संशोधित बजट 13236 करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्तीय साल के लिए 13784 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह भी सवाल है कि क्या पंजाब सरकार के अलावा सरकार की और कौन सी संस्था ने कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पर ग्रामीण विकास बोर्ड ने 5450 करोड़ रुपये और मंडी बोर्ड के माध्यम से 4090 करोड़ रुपये समेत कुल 9530 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था जबकि किसानों को कर्ज माफी के तौर पर सिर्फ 4400 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
पीयू को 140 करोड़ की ग्रांट
चीमा ने सदन में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी को दी ग्रांटों का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के संशोधित बजट अनुमानों के अनुसार पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और पीएयू लुधियाना को क्रमशः 360 करोड़ रुपये, 101 करोड़ रुपये और 475 करोड़ रुपये अलॉट किए गए थे। आगामी वित्त वर्ष 2024- 25 के बजट अनुमानों में यह राशि क्रमशः 375 करोड़, 140 करोड़ और 471 रुपये अलॉट की गई हैं। यूजीसी स्केल पीएयू में एक अप्रैल 2023 से लागू कर दिए गए हैं और मई 2023 से भुगतान जारी किया जा रहा है।