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भाजपा पंजाब में करेगी बड़ा फेरबदल: अश्वनी शर्मा छोड़ेंगे पद, जाखड़ को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने की तैयारी

Mon, 03 Jul 2023 12:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/जालंधर

सार

सुनील जाखड़ पंजाब के दिग्गज हिंदू नेताओं में शामिल हैं। वे पूर्व मंत्री बलराम जाखड़ के बेटे हैं। उन्होंने कुछ समय पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। वे पंजाब कांग्रेस के प्रधान रह चुके हैं।
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सुनील जाखड़ और अश्वनी शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने नई रणनीति बनाना शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी ने पंजाब में अपना प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला किया है। मौजूदा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की जगह यह जिम्मेदारी कांग्रेस से भाजपा में आए वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ को देने की तैयारी कर ली गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। 

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दूसरी तरफ सोमवार को चर्चा रही कि अश्वनी शर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस पर देर शाम उन्होंने ट्वीट कर सफाई दी और कहा कि मीडिया में अफवाहें फैलाई जा रहीं हैं कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं ऐसी अफवाहों का खंडन करता हूं। आप सबकी जानकारी के लिए बताना चाहता हूं कि भाजपा में इस्तीफे की कोई परंपरा नहीं है। मैं निराश नहीं हूं। हालांकि, उन्होंने ट्वीट में साफ नहीं किया कि वह प्रदेश प्रधान पद पर हैं या नहीं। इससे पहले वह दिन में चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय से अपना सामान ले जाते दिखे। उनसे सवाल किया गया कि आप दिल्ली जाकर आए हैं, क्या भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। इस पर उनका जवाब था कि इस बारे में दिल्ली वाले ही बता पाएंगे। इसके बाद वह गाड़ी में बैठकर निकल गए। 

वहीं, सुनील जाखड़ के नाम पर पार्टी में खेमा काफी नाराज है। भाजपा नेताओं को कहना है कि कांग्रेस से आए नेता को ऐसी जिम्मेदारी देना सही नहीं है। इससे गलत संदेश जाएगा। इस खेमे को मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है। वह पंजाब के तमाम बड़े नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं। 

जालंधर व संगरूर उपचुनाव में मिली हार ने किया सोचने पर मजबूर

18 जनवरी 2020 को अश्वनी शर्मा दूसरी बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने थे। इसके बाद पंजाब विधानसभा चुनाव और संगरूर व जालंधर लोकसभा उपचुनाव पार्टी ने उन्हीं की अध्यक्षता में लड़ा लेकिन करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। जालंधर में तो पार्टी की जमानत जब्त हो गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान इस बात पर निराश है। 

अमित शाह के करीबी माने जाते हैं जाखड़

अश्वनी शर्मा को पदमुक्त करने की चर्चा अमित शाह के गुरदासपुर दौरे से ही शुरू हो गई थी। जाखड़ केंद्रीय गृह मंत्री के काफी निकट माने जाते हैं। जाखड़ गुरदासपुर से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार भी हो सकते हैं। पार्टी अध्यक्ष के लिए उनका नाम आगे करने का मुख्य कारण यही है कि वह हिंदू और जट्ट समुदाय का संयुक्त चेहरा हैं।

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