योगेंद्र यादव का स्वराज अभियान पंजाब विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक सकता है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने पंजाब इकाई को हरी झंडी दे दी है। पंजाब इकाई ने पार्टी केलिए संविधान स्टडी करने की कवायद भी शुरू कर दी है। आम आदमी पार्टी से अलग होकर स्वराज अभियान शुरू करने वाले योगेंद्र ने पहले ही संकेत दिए थे कि वह जल्द सियासी पार्टी का एलान करेंगे।
अभियान ने मार्च अंत तक एलान की तैयारी भी कर ली थी। लेकिन किन्हीं कारणों से इसमें देर हो रही है। इधर पंजाब में चुनावी बिगुल बज चुका है, समय बहुत कम रह गया है। समस्या यह है कि स्वराज अभियान के संविधान में लिखा है कि चुनाव नहीं लड़ा जा सकता। इसलिए अगर राष्ट्रीय स्तर पर और देरी हुई तो स्वराज अभियान की पंजाब इकाई यहां सियासी पार्टी गठित कर सकती है। इसी वजह से अभियान ने दिल्ली नगर निगम चुनाव में हर वार्ड से एक आजाद उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने पंजाब इकाई को हरी झंडी दे दी है कि जल्द पार्टी गठित करो। पंजाब इकाई ने पार्टी केलिए संविधान पर स्टडी का काम भी शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि यहां एक महीने के अंदर सियासी पार्टी का एलान हो जाएगा। बाद में जब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी गठित होगी तो पंजाब की पार्टी उसका हिस्सा बन जाएगी।
पंजाब इकाई अभी यह तय नहीं कर सकी है कि सभी सीटों पर चुनाव लड़ना है, कुछ जगह। लेकिन चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। पंजाब इकाई के कन्वीनर प्रो. मनजीत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सियासी पार्टी केएलान में देरी हो रही है। पंजाब में हम पहले ही लेट हैं, इसलिए यहां पार्टी का एलान जल्द कर दिया जाएगा। चुनाव केबारे में सारी चीजें बाद में फाइनल होंगी।