पंजाब की राजनीति में संगरूर जिले का दबदबा फिर से दिखाई देगा। पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला संगरूर अब तक चार मुख्यमंत्री दे चुका है। 1955 में पहली बार बाबू बृजभान ने मुख्यमंत्री बनकर जिले का मान बढ़ाया था। अब राज्य की 16वीं विधानसभा के लिए भगवंत मान मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
सबसे पहले संगरूर जिले की मुनक तहसील में जन्मे बाबू बृजभान ने विधानसभा क्षेत्र सुनाम से चुनाव लड़ा और जनवरी 1955 से नवंबर 1956 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री रहे। उनके बाद जिले से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सुरजीत सिंह बरनाला 1985 से 1987 तक मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 1997 से 1998 तक राजिंदर कौर भट्ठल मुख्यमंत्री रहीं।
वह बरनाला के पास भट्ठल गांव की रहने वालीं और राज्य के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी बाबा हीरा सिंह भट्ठल की बेटी हैं। भट्ठल अपने गृहनगर लहरागागा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक बनीं थीं। अब इसी जिले के भगवंत मान मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार की कमान संभालेंगे।
जुगनू कहंदा है से मिली पहचान
टीवी की दुनिया में पंजाब के भावी मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘जुगनू कहंदा है’ कार्यक्रम से पहचान मिली। इससे पहले मान की सबसे पहली कॉमेडी ‘कैसेट कुल्फी गरमा गरम’ ने भी उन्हें शोहरत दिलाई। 2008 में स्टार प्लस पर एक हास्य कार्यक्रम में हिस्सा लेकर मान ने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई। पंजाब की राजनीति में अब तक के सबसे कम राजनीतिक अनुभव वाले मुख्यमंत्री भगवंत मान होंगे। मान को पंजाब की राजनीति में मात्र 11 साल का अनुभव है।