एआईजी को कौन कर सकता है निलंबित
हाईकोर्ट ने पूछा कि इस जांच की निगरानी के लिए जिम्मेदार कौन है तो अदालत को बताया गया कि एआईजी निगरानी कर रहे हैं। इस पर पूछा गया कि एआईजी को निलंबित करने का अधिकार किसके पास है। कोर्ट को बताया गया कि एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल इसके लिए उपयुक्त अथॉरिटी हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब एसएसओसी के डायरेक्टर जनरल को तलब कर लिया है।
जेल से एक ही नंबर से 38850 कॉल
एडीजीपी जेल की ओर से कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में पाया गया कि फाजिल्का जेल में मौजूद एक नंबर से 38850 कॉल की गई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि तस्कर मोबाइल खुलेआम लेकर घूम रहे हैं तो तस्करी कैसे रोकी जा सकती है। कोर्ट ने कड़े लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि जेल अधिकारी तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
पंजाब में हर परिवार के एक सदस्य की नशे से मौत
हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब में नशा लगभग हर परिवार से एक व्यक्ति की जान ले चुका है। राजस्थान में एक ग्राम हेरोइन तीन हजार रुपये की मिलती है जो अन्य नशीली सामग्री मिलाकर पांच ग्राम हो जाती है और 15 हजार रुपये प्रतिग्राम के हिसाब से पंजाब में बिकती है। यह पैसा कमाने का सबसे तेज तरीका है और इसीलिए सरकार नशा तस्करी पर लगाम नहीं लगा पा रही है।
चार वर्तमान व तीन रिटायर्ड जेल अधीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश
हाईकोर्ट को बताया गया कि फिरोजपुर जेल के वर्तमान अधीक्षक सतनाम सिंह, इससे पहले जेल अधीक्षक रह चुके अरविंदर पाल सिंह भट्टी, गुरनाम लाल व वर्तमान में जेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल परविंदर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई है। इसके अतिरिक्त रिटायर हो चुके तीन जेल अधीक्षक बलजीत सिंह वैध, कर्मजीत सिंह संधू व सुरेंद्र सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।