कहीं दुश्मन देश प्रभावित युवाओं को न बना ले हथियार
कोर्ट ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू लाखों लोगों ने देखा है और इससे युवा वर्ग में एक संदेश जा रहा है। युवा इस इंटरव्यू के बाद यह सोचने लगे हैं कि गैंगस्टरों की लाइफ बहुत अच्छी है, यह उन्हें अपराध जगत में खींचने का काम कर रहा है। इस सोच से प्रभावित युवाओं को दुश्मन देश भारत के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में इस इंटरव्यू को इंटरनेट से हटाना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि इस इंटरव्यू को इंटरनेट से हटाया जाए।
मीडिया पर उठाए सवाल
हाईकोर्ट ने कहा कि मीडिया को मिली स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि आप किसी शातिर अपराधी को लोगों के समक्ष हीरो के रूप में प्रस्तुत करें। लॉरेंस बिश्नोई जिस पर जघन्य अपराधों के अब तक 71 मामले दर्ज हो चुके हैं उसका इंटरव्यू में महिमा मंडन हुआ जो सही नहीं है।