पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह के खिलाफ आयकर के एक मामले में लुधियाना के सीजेएम कोर्ट में आई किसी भी शिकायत पर फैसला सुनाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने यह आदेश आयकर विभाग की अर्जी का निपटारा करते हुए दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को 18 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट में पहले से दायर याचिका पर 18 नवंबर को सुनवाई होगी।
24 अप्रैल, 2017 को लुधियाना की ट्रायल कोर्ट ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और रणइंदर सिंह को समन किया था। समन के आदेश को दोनों ने चुनौती दे दी थी। एडिशनल सेशन जज ने गत वर्ष 27 नवंबर को दोनों की मांग को स्वीकार करते हुए समन के आदेश को रद्द कर दिया था। समन रद्द करने के आदेश को आयकर विभाग ने अप्रैल 2019 में हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि समन किए जाने के आदेश को गलत तथ्यों के आधार पर रद्द किया गया है। ऐसे में आदेश को रद्द किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था।
अब आयकर विभाग ने हाईकोर्ट को बताया है कि अभी उनकी याचिका हाईकोर्ट में लंबित है, लेकिन लुधियाना ट्रायल कोर्ट में इस मामले में सुनवाई जारी है और ट्रायल कोर्ट इस पर जल्द ही अपना अंतिम फैसला सुना सकता है। अगर ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुना दिया तो हाईकोर्ट में लंबित यह याचिका आधारहीन हो जाएगी। ऐसे में हाईकोर्ट जब तक इस याचिका पर अपना फैसला नहीं सुना देता है, तब तक ट्रायल कोर्ट को अंतिम फैसला सुनाए जाने से रोका जाए। हाईकोर्ट ने आयकर विभाग की इस अर्जी का निपटारा करते हुए ट्रायल कोर्ट को किसी भी शिकायत पर फैसला सुनाने पर रोक लगा दी है।