याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वह इस भर्ती के लिए पिछले चार साल से तैयारी कर रहे थे। परीक्षा से ठीक पहले नई प्रक्रिया को अपनाना अवैध और मनमाना है। याचिका में कहा गया है कि आयोग ने पहले बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ लिखित परीक्षा की घोषणा की थी लेकिन बाद में व्यक्तिपरक प्रश्नों के साथ प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की गई।
चार साल से लटकी है भर्ती
- पीजीटी की भर्ती पिछले चार साल से लटकी है। हरियाणा में पीजीटी के 4476 पदों के लिए 2019 में भर्ती निकली थी।
- वर्ष 2021 में फिर इन्हीं पदों को दोबारा विज्ञापित किया गया।
- पहले भर्ती की जिम्मेदारी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को दी गई थी लेकिन सरकार ने फैसला लिया कि ग्रुप ए और बी की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग करेगा। ऐसे में पीजीटी की भर्ती एचपीएससी के हिस्से आ गई।
- दिसंबर 2022 में एचपीएससी ने 50 प्रतिशत अंक लाने जरूरी और निगेटिव मार्किंग को शामिल कर तीसरी बार पदों को विज्ञापित किया गया।
- मार्च 2023 में भर्ती वापस ले ली गई। 20 मार्च 2023 को नया नियम बनाया कि परीक्षा बहुविकल्पीय नहीं, विस्तृत होगी।
- 29 मार्च को फिर इसमें संशोधन कर कहा कि पीजीटी के लिए दो परीक्षाएं होंगी। एक प्रारंभिक और दूसरी मुख्य परीक्षा।
- पीजीटी के कुल 4,476 पदों पर 45 हजार युवाओं ने किया आवेदन।