फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहमति संबंध पर हाईकोर्ट का आदेश: लड़के की उम्र शादी लायक न होने पर भी सुरक्षा से नहीं कर सकते इनकार

Mon, 12 Jul 2021 10:31 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा एवं स्वतंत्रता का अधिकार देता है। बालिग लड़का या लड़की को अधिकार है कि वे किसी के भी साथ रह सकते हैं।  
विज्ञापन
सहमति संबंध पर हाईकोर्ट की टिप्पणी। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली निवासी प्रेमी जोड़े को सुरक्षा का आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि लड़का-लड़की बालिग हैं तो उन्हें सहमति संबंध में सुरक्षा से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रेमी जोड़े ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि लड़की 21 वर्ष की है, जबकि लड़का 19 वर्ष का। लड़की के परिजन उसकी मर्जी के खिलाफ किसी और से शादी करवाना चाहते हैं। साथ ही धमकी दे रहे हैं कि यदि शादी नहीं की तो परिवार की प्रतिष्ठा के लिए दोनों की जान ले लेंगे। 

विज्ञापन


लड़की ने कहा कि लड़का अभी शादी के लिए तय न्यूनतम आयु का नहीं है इसलिए दोनों सहमति संबंध में रह रहे हैं। सुरक्षा के लिए दोनों ने मोहाली के एसएसपी से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही लड़का शादी के लिए तय न्यूनतम आयु का नहीं है, लेकिन वह बालिग है।


लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं तो ऐसे में केवल इस आधार पर सुरक्षा से इनकार नहीं किया जा सकता कि लड़के की आयु शादी के लिए तय न्यूनतम आयु से कम है। संविधान के अनुसार बालिग व्यक्ति को यह अधिकार है कि वह तय कर सके कि उसे किसके साथ रहना है। इसके साथ ही संविधान प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा एवं स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मोहाली के एसएसपी को आदेश दिया कि वह प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें