मनसा देवी कांप्लेक्स में मौजूद हरियाणा गवर्नमेंट ऑफिसर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को अलॉटमेंट मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और सोसायटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि जब आईएएस और आईपीएस राज्य सरकार के कर्मचारी ही नहीं होते तो उन्हें इस सोसायटी में कैसे अलॉटमेंट की जा सकती है।
आनंद प्रकाश ने याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट एचएस सेठी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि पंचकूला में मौजूद सोसायटी में अलॉटमेंट मनमाने तरीके से की गई है। सरकार ने 2001 में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए मनसा देवी कांप्लेक्स में भूमि दी थी। यह हरियाणा सरकार के अधिकारियों के लिए दी गई थी और इसका नाम हरियाणा गवर्नमेंट ऑफिसर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी था।
याची ने कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारी राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं होते बल्कि केंद्र सरकार के कर्मचारी होते हैं। ऐसे में उन्हें इस सोसायटी में अलॉटमेंट की ही नहीं जा सकती। याची ने यह भी बताया कि नियम के अनुसार जिस व्यक्ति को हरियाणा में किसी एक ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में प्लॉट या फ्लैट की अलॉटमेंट हो चुकी हो, उसे दूसरी अलॉटमेंट नहीं की जा सकती।
याची ने हाईकोर्ट में 40 ऐसे आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम की सूची सौंपी है, जो इस सोसायटी के मेंबर हैं और उनके पास अन्य सोसायटी में भी प्लॉट या फ्लैट हैं। याची ने कहा कि अधिकारियों ने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए यह सब मैनेज किया है और ऐसे में उनकी अलॉटमेंट गलत है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने आंकड़ों और स्थिति पर हैरानी जताते हुए हरियाणा सरकार, हुडा और सोसायटी को नोटिस जारी करते हुए इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं।