चंडीगढ़ की एडवोकेट शैली शर्मा समेत अन्य वकीलों के घर पर एनआईए के छापे और उनके फोन जब्त करने के खिलाफ वकीलों की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने बुधवार से वकीलों को काम पर लौटने का आग्रह किया है। साथ ही बार एसोसिएशन ने कहा कि वह विरोध के लिए अलग मार्ग अपनाएंगे।
सोमवार को वकीलों की हड़ताल खत्म करवाने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एनआईए ने बताया कि उन्होंने एडवोकेट शैली शर्मा के आवास समेत 27 ठिकानों पर छापा मारा था। छापे के दौरान जब्त किया गया सामान केस प्रॉपर्टी है और अगर किसी को इसकी जरूरत है तो एनआईए की कोर्ट में इसके लिए अर्जी दाखिल कर सकता है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इस पर अदालत फैसला लेगी। इस जानकारी के बाद एडवोकेट अरविंद सेठ ने जनहित याचिका को वापस ले लिया। पंचकूला के एडवोकेट अरविंद सेठ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वकीलों की हड़ताल से मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनआईए द्वारा मनमाने और गैर-कानूनी तरीके से एडवोकेट शैली शर्मा के घर छापे मारकर उनके मोबाइल फोन जब्त करने को लेकर हड़ताल शुरू हुई है। पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 18 अक्तूबर को हड़ताल का एलान किया था और एनआईए के निदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की थी। इसके बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने एनआईए के अधिकारियों के आश्वासन पर हड़ताल वापस ले ली थी। इसके बाद भी वकील के फोन वापस नहीं देने पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 31 अक्तूबर को फिर हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वह इस मामले के सभी पक्षों को इस विवाद का हल निकालने का आदेश दे। सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बार एसोसिएशन अब विरोध का अलग रास्ता अपनाएगी। बार के सदस्य लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे हैं जिससे उनके मुवक्किलों को परेशानी आ रहा है। वकीलों से 9 नवंबर से काम पर लौटने का आग्रह किया गया। ऐसे में बुधवार से हाईकोर्ट में वकील काम सुचारु कर देंगे।