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दावा: पंजाब में अब नहीं होगी डीएपी की कमी, केंद्र रोज देगा सात रैक, एक हफ्ते में सामान्य होंगे हालात

Mon, 15 Nov 2021 05:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कृषि मंत्री रणदीप नाभा ने कहा कि विभिन्न डीएपी सप्लायर कंपनियों द्वारा 15 से 20 नवंबर तक के 32 डीएपी रैक की मांग की  गई है और उसे भारत सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और संबंधित डीएपी सप्लायरों को मांग पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। 
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कृषि मंत्री रणदीप नाभा। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब में अब डीएपी खाद की किल्लत नहीं होगी। केंद्र ने सूबे को रोज 7 रैक डीएपी देने का भरोसा दिया है। पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप नाभा ने दावा किया है कि अब सूबे में एक सप्ताह के भीतर हालात सामान्य हो जाएंगे। अभी सूबे के सभी जिलों के 45 रैक की डीएपी खाद बकाया है।

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नाभा ने बताया कि यदि हर रोज सात रैक आते हैं, तो पंजाब में एक सप्ताह में सारी कमी पूरी कर ली जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब को डीएपी की आपूर्ति के संबंध में भारत सरकार के सचिव के साथ बात की गई है, उनके द्वारा इस आवंटन का भरोसा दिया गया।

डीएपी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए माइक्रो प्लानिंग के बारे में नाभा ने कहा कि नियमित स्टॉक की जांच करने के लिए उनके द्वारा राज्य के समस्त मुख्य कृषि अफसरों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न डीएपी सप्लायर कंपनियों द्वारा 15 से 20 नवंबर तक के 32 डीएपी रैक की मांग की गई है और जिसको भारत सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है और संबंधित डीएपी सप्लायरों को मांग पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। 
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उन्होंने आगे कहा कि कुल 2.56 लाख मीट्रिक टन के आवंटन के मुकाबले, अब तक 32 रैक (87744 मीट्रिक टन) प्राप्त हो चुके हैं तथा 6 और रैक (18095 मीट्रिक टन) आ रहे हैं और जिनके जल्द ही प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों द्वारा 14 और रैकों (41514 मीट्रिक टन) की मांग की गई है।

खाद की सुरक्षा सुनिश्ति करें अधिकारी
कृषि मंत्री ने फील्ड स्टाफ को किसान यूनियनों के संपर्क में रहने और भारत सरकार द्वारा डीएपी की नवीनतम आवंटन योजना बारे अवगत करवाने के लिए भी कहा जिससे कोई विरोध न हो। उन्होंने कृषि अधिकारियों को कहा है कि वह अपने डिप्टी कमिश्नरों के साथ तालमेल करके रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित उतराई को यकीनी बनाएं।

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डीएपी की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 12 के खिलाफ मुकदमा

पंजाब में डीएपी की किल्लत के बीच खाद की अधिक कीमत, भंडारण और टैगिंग किए जाने को लेकर पंजाब सरकार सख्त हो गई है। इन मामलों में दोषी अब तक 12 फर्मों के खिलाफ सरकार ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर पटियाला के कृषि अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को कहा है।

कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने बताया कि मैसर्ज मंड खाद स्टोर, गांव दकोहा, ब्लॉक श्री हरगोबिंदपुर साहिब, मैसर्ज सिद्धू खेती स्टोर, गांव दकोहा, ब्लॉक श्री हरगोबिन्दपुर साहिब (दोनों जिला गुरदासपुर से सम्बन्धित), मैसर्ज रणजीत पैस्टीसाईड, गांव संगोवाल, ब्लॉक नकोदर (जालंधर) के विरुद्ध अधिक कीमत वसूलने के दोष अधीन एफआईआर दर्ज की गई है। इन फर्मों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग ने मैसर्ज विकट्री बायोटैक प्राईवेट लिमिटेड, ब्लॉक सरदूलगढ़ (मानसा) के विरुद्ध कथित रूप से गलत ब्रांड वाली डीएपी की बिक्री करने के लिए केस दर्ज किया और फर्म का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया जारी है।

नाभा ने बताया कि मैसर्ज राम मूर्ति गुप्ता एंड संस फिल्लौर (जालंधर) के विरुद्ध कथित रूप से औद्योगिक उद्देश्यों के लिए सब्सिडी वाली यूरिया का प्रयोग करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आगे बताया कि मैसर्ज थूहा पैस्टीसाईड एंड सीड स्टोर, जीरकपुर (एसएएस नगर) को कथित रूप से डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करने में शामिल पाया गया और फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मैसर्ज चुघ खाद भंडार, जलालाबाद, मैसर्ज चुघ ट्रेडिंग कंपनी, जलालाबाद, मैसर्ज चुघ खाद स्टोर, जलालाबाद, मैसर्ज भाटा को-ऑपरेटिव एंड वैजीटेबल प्रोसेसिंग सभा, जलालाबाद और मैसर्ज अजय ट्रेडिंग कंपनी, जलालाबाद को कथित रूप से जमाखोरी में शामिल पाया गया है। इन फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि मैसर्ज जिंदर एजेंसी गिद्दड़बाहा (श्री मुक्तसर साहिब) द्वारा भी अनाधिकृत बिक्री प्वाइंट्स से खाद की बिक्री की गई है। इसलिए फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि डीएपी की जमाखोरी, कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई न करने वाले पटियाला के कृषि अधिकारी के विरुद्ध भी प्रशासनिक कार्रवाई आरंभ की गई है।
 
 
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