मनिंदर सिंह पहले बंगलुरू में मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे लेकिन देश की रक्षा के लिए उन्होंने सीआरपीएफ ज्वाइन की। मनिंदर सिंह बास्केटबाल के बेहद अच्छे खिलाड़ी थे। सतपाल ने बताया कि उनकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका है और अब इस उम्र में बेटा भी साथ छोड़ गया। सतपाल ने कहा कि देश के वीर जवानों की ऐसी निर्मम हत्या दुख की बात है।
अगर उनका बेटा मुकाबले में शहीद होता तो उन्हें इतना गम ना होता लेकिन उन जांबाजों को धोखे से शहीद किया गया। उनकी सरकार से मांग है कि ऐसे आतंकियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उनको इस कायराना काम का माकूल जवाब मिल सके। गमगीन माहौल में बड़ी संख्या में शहर के लोग परिवार से दुख जताने पहुंचे थे।
सभी मांग कर रहे थे कि सरकार आतंकियों को इस घिनौनी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे। शहीद की बहन ने रोते हुए बताया कि हम मनिंदर की शादी के बारे में जब भी बात करते तो वह कहता कि एक बार प्रमोशन हो जाए तो फिर धूमधाम से शादी करूंगा, मगर उन्हें क्या पता था कि भाई शादी से पहले ही साथ छोड़ जाएगा।