लॉकडाउन के कारण पहले व दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों को बिना एग्जाम पास करने का जो प्रस्ताव पीयू प्रशासन के पास आया था, फिलहाल उस पर मुहर नहीं लगी है। पीयू का अब तक का प्लान यही है कि जल्द से जल्द विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करवाया जाए। जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा तो एक सप्ताह क्लास वर्क करवाकर एग्जाम करवाए जाएंगे। इसलिए विद्यार्थी अपनी पढ़ाई जारी रखें और ऑनलाइन कक्षाओं में अधिक से अधिक हिस्सा लें। यदि बिना एग्जाम पास होने का सपना देखने लग गए हैं तो उससे विद्यार्थियों को नुकसान भी हो सकता है।
जब 24 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ तो लोगों को लगा कि 31 मार्च तक खत्म हो जाएगा, लेकिन कोरोना के केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ता चला गया। तीन मई तक लॉकडाउन है। आगे भी इसके बढ़ने के आसार हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू प्रशासन ने यूजीसी के आदेश पर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा दी। कुछ शिक्षकों ने तेजी से इस प्रक्रिया पर काम किया तो कुछ अपने प्लेटफार्म की तलाश में जुटे हैं।
इसलिए कम हुई ऑनलाइन कक्षाओं की रुचि
इसी बीच पीयू की एक बैठक से यह खबर बाहर निकली कि विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही पास कर दिया जाएगा। यह खबर आग की तरह फैली। विद्यार्थियों के कानों तक पहुंची तो वह खुश हुए तो कुछ विद्यार्थी नाखुश दिखे। सूत्रों का कहना है कि यह प्रस्ताव सामने आने के बाद विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाओं में रुचि लेना कम कर दिया। साथ ही वह घरों पर भी रहकर पढ़ाई नहीं कर रहे थे। इसकी सूचना पीयू प्रशासन को कुछ अभिभावकों ने दी तो कुछ छात्र नेताओं के जरिये बाहर आई।
शिक्षकों को भी यह महसूस हुआ कि विद्यार्थी अब ऑनलाइन कक्षाओं में कम आ रहे हैं। बाद में इसका निष्कर्ष निकाला गया तो बात सामने आई कि पीयू की ओर से बिना एग्जाम के पास करने का एक कच्चा प्लान बाहर आ गया। इस प्लान का छात्रों पर अधिक प्रभाव पड़ा और वह पढ़ाई के प्रति लापरवाह हो गए। बिना एग्जाम के पास करने की योजना का विरोध एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा समेत कई छात्र नेेताओं ने किया। उसके बाद पीयू प्रशासन ने भी यह साफ किया है कि अभी फिलहाल बिना एग्जाम के छात्रों को पास करने की कोई योजना नहीं है। छात्र पढ़ाई में ध्यान दें।
जुलाई तक लॉकडाउन रहा तो फिर हो सकता है इस पर विचार
सूत्रों का यह भी कहना है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन बढ़ने के आसार हैं। यदि लॉकडाउन जुलाई तक चला तो फिर पीयू प्रशासन बिना एग्जाम के पास करने के प्लान पर आगे बढ़ सकता है। हालांकि जुलाई में भी पीयू प्रशासन एग्जाम कराने का दावा करता है। परीक्षा नियंत्रक विभाग हर तरीके से काम करने को तैयार है। उनके पास एक से बढ़कर एक प्लान हैं।
यह विभाग बिना एग्जाम के छात्रों को पास करने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर यह बात भी सामने आ रही है कि कोरोना का हल वैक्सीन आने के बाद ही संभव है। ऐसे में कई माह इस कार्य में लग जाएंगे। तो इसका मतलब यह नहीं कि लॉकडाउन छह माह और रहेगा। ऐसे में तमाम कार्य चौपट हो जाएंगे। एहतियात बरतते हुए कार्य करने होंगे।