कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में सभी स्कूल बंद हैं तो ऑनलाइन एजुकेशन चल रही है। लेकिन प्राइवेट स्कूल बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाते हुए भी होमवर्क दे रहे हैं। सभी प्राइवेट स्कूलों ने सीनियर कक्षाओं के साथ प्राइमरी के बच्चों के लिए भी होमवर्क अनिवार्य किया है।
परिजनों ने शिकायती लहजे में बताया कि नर्सरी और केजी में पढ़ने वाले बच्चे होमवर्क को लेकर मानसिक तौर पर परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा, स्कूल प्रशासन का कहना कि रोजाना होमवर्क सबमिट करने पर ही हाजिरी लगाई जाएगी अन्यथा बच्चे को गैरहाजिर माना जाएगा। परिजनों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लॉकडाउन में सब दुकानें बंद हैं ऐसे में अभी स्टेशनरी का सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
पुलिसकर्मी प्रवीन ने व्यक्त की अपनी चिंता
खुडा अली शेर निवासी पुलिस कर्मी प्रवीण ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। दोनों डीएवी स्कूल-8सी में पढ़ रहे हैं। स्कूल ने लॉक डाउन बढ़ने पर परिजनों को मैसेज भेजा कि 3 मई तक बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। इसके बाद 4 मई से 15 मई तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। प्रवीण ने बताया कि उनका एक बच्चा पहली और दूसरा चौथी कक्षा में पढ़ रहा है। स्कूल की तरफ से उन्हें व्हाट्सएप्प पर मैसेज भेज दिया जाता है कि आपने किताब से ये पेज पढ़ने हैं।
इसके साथ उन्हें प्रश्न हल करके नोटबुक में होमवर्क करने के लिए बोला जा रहा है। होमवर्क की फोटो खींच कर टीचर को भेजने पर बच्चे की रोजाना हाजिरी लग रही है। पुलिसकर्मी होने से हर समय उनकी ड्यूटी लगी रहती है। पत्नी कम पढ़ी-लिखी होने के कारण बच्चों की ज्यादा मदद नहीं कर पा रही है। इस कारण बच्चे मानसिक रूप से परेशान रहने लगे हैं।
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं, कैसे डलवाएं डाटा पैक
खुडा अलीशेर निवासी एक परिजन ने बताया कि उनके बच्चे ग्रीन शिवालिक स्कूल-खुडा अलीशेर में पहली कक्षा में पढ़ रहे हैं। स्कूल प्रशासन व्हाट्सएप्प के जरिए रोजाना बच्चों को होमवर्क दे रहे हैं। स्टेशनरी का सामान ही नहीं है। ऐसे में कैसे होमवर्क करवाएं। उन्होंने बताया वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।
प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटा ई डब्ल्यूएस कैटेगरी का होता है। इस कोटे के लोगों का आज लॉक डाउन के कारण सारा काम बंद हो गया है। ऐसे में परिजन बच्चे और परिवार के खाने पीने और स्वास्थ्य का ध्यान रखें या डाटा पैक करवाएं। ग्रीन शिवालिक स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
पहली और दूसरी कक्षा को होमवर्क देने पर मनाही
13 सितंबर, 2018 को जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस से प्राइवेट स्कूलों को जारी पत्र में उल्लेख किया गया था कि पहली और दूसरी कक्षा को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सिर्फ भाषा और गणित के विषय ही पढ़ाए जाएंगे। लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद भी प्राइवेट स्कूल नियमों का उल्लंघन कर बच्चों पर मानसिक दबाव डाल रहे हैं।
होमवर्क फीस की मांग को जायज ठहराने का तरीका
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि प्राइमरी के बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क देना गलत है। इससे उनके ऊपर मानसिक दबाव बढ़ेगा। आजकल वैसे भी बच्चों में मानसिक बीमारियों के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं।
वहीं प्रशासन की मनाही के बावजूद प्राइवेट स्कूल लगातार परिजनों को फीस के लिए संदेश भेज रहे हैं। बच्चों को लॉकडाउन में होमवर्क देकर फीस की मांग को प्राइवेट स्कूल जायज ठहराएंगे। जिन परिजनों का धंधा बंद है वह लॉक डाउन खत्म होते ही बच्चों की फीस कैसे जमा करवा पाएंगे। यह परिजनों के ऊपर भी मानसिक दबाव है।
स्कूल खुलने पर सारा काम दोबारा करवाएंगे
डीएवी-8 सी की प्रिंसिपल जसकिरण ने बताया कि हम तीसरी से ऊपर की कक्षाओं को ही ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। होमवर्क अनिवार्य नहीं है। सभी बच्चों को रेगुलर कक्षाएं लगने पर सभी विषय दोबारा पढ़ाए जाएंगे।
मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे
इस मामले की जांच करेंगे। अगर स्कूल प्राइमरी के बच्चों को अनिवार्य होमवर्क दे रहे हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- रुबिन्दरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक