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पीयू सीनेट : टल सकते हैं स्नातक वर्ग के चुनाव

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पीयू सीनेट : टल सकते हैं स्नातक वर्ग के भी चुनाव
-संक्रमण को देखते हुए हिमाचल ने वापस ली अनुमति, हरियाणा ने पहले ही साधी है चुप्पी
16 मई को होने हैं स्नातक वर्ग के चुनाव, 6 राज्यों में बनाए जाने हैं 280 बूथ
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के फैकल्टी चुनाव टलने के बाद अब स्नातक वर्ग के चुनाव भी तय समय पर होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इसका कारण यह है कि छह राज्यों में से हरियाणा ने चुनाव की अनुमति नहीं दी थी और अब हिमाचल ने भी अनुमति वापस ले ली है। स्नातक वर्ग के चुनाव 16 मई को होने हैं।
स्नातक वर्ग के चुनाव करवाने के लिए पीयू 6 राज्य हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में मतदान बूथ बनाता है। ऐसे में इन राज्यों के पीछे हटने से चुनाव नहीं हो पाएंगे। अकेले इसी वर्ग के चुनाव में 3.16 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिसके लिए इन सभी राज्यों में मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू ने अप्रैल की शुरुआत में सभी छह राज्यों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश सलंग्न कर सीनेट चुनाव करवाने के लिए अनुमति पत्र भेजा था, जिसमें हरियाणा को छोड़कर सभी राज्यों ने चुनाव करवाने के लिए अनुमति दे भी दी थी। लेकिन अभी बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश ने उनके यहां चुनाव करवाने से इनकार कर दिया है। जानकारों के अनुसार पीयू को या तो स्नातक वर्ग के चुनाव भी स्थगित करने पड़ेंगे या फिर दोबारा पत्र भेजकर एक और कोशिश करनी पड़ेगी।
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15 सदस्य चुनकर आते हैं स्नातक वर्ग में
16 मई को होने वाले स्नातक वर्ग के चुनाव के लिए पीयू द्वारा हरियाणा में 29 मतदान बूथ, हिमाचल प्रदेश में 10, दिल्ली में 5, राजस्थान के गंगानगर जिले में एक, उत्तराखंड के काशीपुर में एक और पंजाब में 200 से अधिक मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू के सीनेट चुनाव में स्नातक वर्ग से 15 सदस्य चुनकर आते हैं। पीयू से स्नातक करने वाले लोग इसमें वोट देते हैं। इस बार स्नातक वर्ग के लिए 43 सदस्य मैदान में हैं। इस वर्ग के चुनाव में देशभर के पीयू के पूर्व विद्यार्थी या वर्तमान विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इस बार 6 राज्यों में 280 बूथ बनेंगे।
कोरोना के कारण फैकल्टी और पुसा चुनाव भी रद्द
पीयू ने कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 26 अप्रैल को होने वाले फैकल्टी चुनाव भी 19 मई तक स्थगित कर दिए हैं। इससे पहले पीयू ने पुसा और पुकसा के चुनाव भी कोरोना का हवाला देकर अगले आदेशों तक स्थगित किए हैं। हालांकि पीयू प्रशासन के इस फैसले को लेकर सीनेट उम्मीदवारों ने नाराजगी जताई है कि जब देश में विभिन्न राज्यों के चुनाव कोरोना काल में संभव है तो यूनिवर्सिटी के क्यों नहीं।
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कोट
हिमाचल प्रदेश ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभी चुनाव करवाने के लिए दी अनुमति वापस ले ली है जबकि हरियाणा ने पहले ही अनुमति नहीं दी थी। - रेणुका सालवन, पीयू प्रवक्ता
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