चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय कभी भी खुल सकता है। इसके लिए छात्रावासों के जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समुचित तैयारी करके रखें। मेस, कैंटीन आदि में सफाई से लेकर हर व्यवस्थाएं कर लें। साथ ही ठेकेदारों को भी संदेश भेज दें कि कभी भी उन्हें काम शुरू करना पड़ सकता है। छात्रों को यह बात पता लगी तो उनमें खुशी की लहर है।
कोरोना महामारी के चलते लगभग डेढ़ साल से पंजाब विश्वविद्यालय बंद है। इस समय ऑफलाइन कक्षाएं नहीं चल रही हैं और सभी कार्य ऑनलाइन ही चल रहे हैं। दूसरी लहर के बाद देश के अधिकांश शिक्षण संस्थान खुल गए। स्कूल भी खुल गए, मगर पीयू के द्वार नहीं खुले। इसे लेकर कई बार आवाज उठाई गई, पर बात नहीं बनी।
अब छात्रों ने कैंपस खोलने को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। किसान नेता से लेकर राजनीतिक दलों के नेता आए दिन पीयू पहुंच रहे हैं। यह मुद्दा पूरे चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में फैल गया। अफसरों पर चारों ओर से दबाव पड़ा तो अब कैंपस खोलने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह में कभी भी कैंपस खुल सकता है।
ऐसे चल रही हैं तैयारी
सूत्रों का कहना है कि पीयू ने अपने अधिकांश वार्डनों को निर्देश भेजे हैं कि वे मेस व कैंटीन के ठेकेदारों से संपर्क करें और उन्हें कहें कि कभी भी उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। इसके अलावा छात्रावासों में कोरोना दिशानिर्देशों के पालन को टीम बनाने के लिए भी कहा गया है। शौचालयों की बेहतर सफाई आदि के प्रबंधन करने को भी कहा गया है। वहीं विभागों से भी पूछा जा रहा है कि वे ऑफलाइन पढ़ाई के लिए कितने तैयार हैं। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह बैठक होगी और उसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सीनेट के स्नातक वर्ग चुनाव के लिए भी बातचीत होगी। हालांकि 26 सितंबर तक राज्यों से अनुमति मिलने के बाद पीयू चुनाव कराने का मन भी बना रही है।
दो चरणों में बुलाए जा सकते हैं विद्यार्थी
जानकारों का कहना है कि पीयू पहले चरण में शोधार्थियों के अलावा सभी परास्नातक के विद्यार्थियों को बुला सकती है। 15 दिन तक कोरोना से हालात ठीक रहने पर स्नातक की कक्षाएं भी ऑफलाइन शुरू की जा सकेंगी। कुछ अन्य योजनाएं भी अधिकारियों के पास हैं जो सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं।