चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छह साल में एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं कर पाया। इसके लिए अब महज पांच माह का समय बचा है। यदि इस समय में भर्ती नहीं हो पाई तो पीयू को बड़ा नुकसान रैंकिंग गिरने से हो सकता है। वरिष्ठ शिक्षकों को रैंक गिरने का अंदेशा है, क्योंकि इस महत्वपूर्ण बिंदु पर पीयू ने अब तक काम नहीं किया। हालांकि, भर्तियां कुछ निकाली गई थीं, लेकिन वह आज तक पूरी नहीं हो सकीं। सीनेट इस समय बन गई है और काम भी कर रही है। पहली सीनेट की बैठक में इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि यह भर्ती प्रक्रिया पीयू की साख से जुड़ी है। अब इस मुद्दे को दरकिनार करने की बात समझ में नहीं आ रही।
वर्ष 2015 में नैक की टीम ने पीयू का दौरा किया था। उस समय पीयू में छोटे-छोटे विभाग देखकर टीम ने आपत्ति दायर की थी। साथ ही छोटे विभागों का विलय संबंधित बड़े विभागों में करने की सलाह दी थी। इसके अलावा छात्र-शिक्षक अनुपात कम मिला। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक न होने से शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। इस पर भी नैक की टीम ने काम करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि यह बिंदु महत्वपूर्ण है। कम शिक्षकों से केवल काम तो चल सकता है, लेकिन गुणवत्ता बेहतर नहीं हो सकती। शिक्षकों की भर्तियां करना जरूरी है। छात्रों की संख्या के मुताबिक भर्तियां की जाएं। इसे देखते हुए पीयू में शिक्षक भर्ती के लिए कमेटियां तो बनाई गईं, लेकिन नाम तक ही सीमित रही।
इस तरह निकाली गई थीं रिक्तियां
दो साल पहले 26 शिक्षकों की भर्तियां निकाली गईं। आवेदन भी एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने भेजे, लेकिन सिंडिकेट ने अड़ंगा लगा दिया। कई कारण गिना दिए गए। कुल मिलाकर भर्तियां जस की तस हैं, जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों की संख्या हर साल बढ़ रही है। इस पर वरिष्ठ शिक्षकों ने आवाज उठाई है। पीयू को सुझाव दिया है कि सीनेट अब काम कर रही है। इस पर जल्द निर्णय लें। पांच माह से पहले शिक्षकों की भर्तियां की जाएं। हालांकि, पीयू प्रशासन का कहना है कि इस पर प्रक्रिया चल रही है।
नैक की टीम ने यह भी दिए थे सुझाव
नैक की टीम ने छात्रों की संख्या को देखते हुए छात्रावासों की संख्या कम र्पाई। सुझाव दिया था कि छात्रावास बनाए जाएं। उसके बाद पीयू ने एक छात्रावास का निर्माण तो शुरू किया, लेकिन वह आज पूरी तरह पूरा नहीं हो सका। नैक ने मानकों की जांच के लिए 2020 तक का समय दिया था, लेकिन पीयू ने दो साल अतिरिक्त मांगे और जुलाई 2022 तक मानकों की पूर्ति करने को कहा और नैक ने इसे स्वीकार कर लिया। अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी मानक अब तक पूरे नहीं हो सके। जुलाई माह में नैक की टीम दौरा करेगी और पुराने सुझावों पर कितना काम पीयू कर पाई, इसका मिलान होगा।