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पंजाब यूनिवर्सिटी ने बदली दाखिला प्रक्रिया... प्रवेश परीक्षा से नहीं, मेरिट से होंगे ग्रेजुएशन के दाखिले

Thu, 30 Jul 2020 12:41 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना का शिक्षा पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। इस कारण पंजाब यूनिवर्सिटी नए शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए एडमिशन की प्रक्रिया बदलने जा रहा है। इस बार स्नातक कक्षाओं में दाखिले प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर न होकर मेरिट के आधार पर होंगे। पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं के दाखिलों पर तभी निर्णय हो पाएगा जब फाइनल ईयर का रिजल्ट सामने आएगा।
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यह फैसला सिंडिकेट की ओर से बनाई गई कमेटी ने लिया है। इस पर पीयू काम करेगा। पीयू बीए बीएड, बीएससी, होटल मैनेजमेंट, फैशन टेक्नोलॉजी, बीए आदि कक्षाओं में दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर करता है जो इस बार नहीं होंगे। कक्षा 12 की मेरिट के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिए जाएंगे। स्नातक प्रवेश परीक्षा के लिए जो शुल्क लिया जा चुका है उसे काउंसिलिंग शुल्क के रूप में प्रयोग किया जाएगा।

स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में पहले व दूसरे सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट करने की नीति बना दी गई है। 50 फीसदी अंक आंतरिक मूल्यांकन के जुड़ेंगे और 50 फीसदी अंक पिछले सेमेस्टर के अंकों के आधार पर लिए जाएंगे। इस प्रक्रिया से पीयू के अलावा 196 कॉलेजों में डेढ़ लाख विद्यार्थी व रीजनल सेंटरों के सैकड़ों स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा।
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ये है ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन का खाका

पीयू ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन 3 अगस्त से किया है। नए प्रवेश वाले विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य एक सितंबर से शुरू किया जा सकता है।
- हर कक्षा के पांच-पांच पीरियड होंगे। हर पीरियड 45 मिनट का होगा।
- कुल चार घंटे ऑनलाइन शिक्षण होगा। पढ़ाई सुबह नौ बजे शुरू हो जाएगी जो पहले पीरियड के मुताबिक सुबह 9.45 बजे तक चलेगी।
-आखिरी पीरियड एक घंटे का होगा जो अपराह्न तीन बजे से शुरू होकर चार बजे तक चलेगा।

-इस पीरियड में छात्रों की समस्याओं का समाधान फोन कॉल, वाट्सएप आदि के जरिये किया जाएगा।
- विभाग अध्यक्ष अपने मुताबिक भी समय सारणी तैयार कर सकेंगे। साथ ही टीचिंग लोड का भी वही निर्धारण करेंगे।
- ऑनलाइन कक्षा में 80 से अधिक विद्यार्थी नहीं रहेंगे। यदि कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है तो उसका निर्धारण खुद विभागाध्यक्ष करेंगे।

- छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा।
- यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षक की ओर से तैयार किए गए ऑनलाइन व्याख्यान का दुरुपयोग नहीं किया जाए।
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