चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले 10 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन प्रशासन की ओर से मांगें मान लेने के बाद समाप्त हो गया। छात्र और शिक्षक डॉ. हरप्रीत सिंह के समर्थन में वीसी कार्यालय के बाहर धरना दे रहे थे। आरोप था कि उनकी पदोन्नति रोकी गई और विभागाध्यक्ष की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।
प्रदर्शन के दौरान खुली कक्षाएं भी आयोजित की गईं जिनमें शिक्षक, शोधार्थी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशासन ने डॉ. हरप्रीत सिंह की पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने और मार्च के पहले सप्ताह में साक्षात्कार की आधिकारिक सूचना जारी करने का आश्वासन दिया है।
साथ ही, टिप्पणियों की जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी गठित की जाएगी। जांच पूरी होने तक विभागाध्यक्ष की साइनिंग पावर हटाकर जिम्मेदारी प्रोफेसर मधुरिमा वर्मा को सौंपी गई है। प्रशासन ने भेदभाव के खिलाफ सख्त निर्देश, जागरूकता कार्यशालाएं और पारदर्शी प्रक्रिया लागू करने का भरोसा दिया। छात्र संगठनों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया।