डीसी रेट पर स्टाफ नर्सेज को न्याय नहीं मिला है। उनकी सेलरी एक वेटर के बराबर कर दी गई है। अगर वे स्किल्ड हैं तो उन्हें अनस्किल्ड मुलाजिम के बराबर सेलरी क्यों दी जा रही है। ऐसा कहना है पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में एनएचएम और आईपीएचएस के तहत कांट्रैक्ट पर कार्यरत स्टाफ नर्सेज का। इसके लिए अस्पताल की नर्सेज डीसी तक का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। अब अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्सों को तनख्वाह में इजाफे के लिए नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा।
काम पूरा तो सेलरी कम क्यों
कांट्रैक्ट पर जनरल अस्पताल में लगी स्टाफ नर्सेज का कहना है कि उनसे काम तो गवर्नमेंट मुलाजिम की तरह लिया जा रहा है, लेकिन सेलरी डीसी रेट पर भी पूरा नहीं मिल पा रही है। योग्यता के मुताबिक उनका रैंक स्टेटिकल ऑफिसर के बराबर है। वहीं स्टेटिकल ऑफिसर का पे स्केल 21 हजार 200 है। जबकि उनका पे स्केल डीसी रेट पर 11800 है। जो एक वेटर के पे स्केल के बराबर है।
डीसी में ऑफिस में भी भ्रमित किया
नर्सों का कहना है कि उन्हें डीसी ऑफिस में भी भ्रमित किया गया। जब वह अपने हक के लिए डीसी कार्यालय पंचकूला डीसी के पास गुहार लगाने पहुंची तो उनके कार्यालय में उन्हें भ्रमित किया गया। उनसे कहा गया कि उनकी सेलरी सीएमओ ऑफिस से बनती है, वहीं से पता चलेगा कि नए ऑर्डर के मुताबिक डीसी रेट पर उनका पे स्केल कम क्यों किया गया है। उसके बाद जब स्टाफ नर्सेज सीएमओ ऑफिस पहुंची तो वहां पर उन्हें जानकारी मिली कि हम तो डीसी ऑफिस से मिले निर्देर्शों का पालन करते हैं। पे स्केल की सही जानकारी तो डीसी ऑफिस में ही मिलेगी। स्टाफ नर्सेज ने बताया कि जब दूसरी बार डीसी कार्यालय पहुंचे तो डीसी से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि नवंबर से पहले कुछ नहीं हो सकता।