घर से भागे प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के लिए हर जिले में प्रोटेक्शन होम स्थापित करने सहित पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए सुझावों पर हरियाणा सरकार ने कार्य करना आरंभ कर दिया है। यह जानकारी हरियाणा सरकार ने एक प्रेमी जोड़े की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान दी।
प्रदेश सरकार ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया है। सभी जिलों में प्रोटेक्शन होम स्थापित करने का जिम्मा भी इसी विभाग को दिया गया है। केंद्र सरकार को 60 प्रतिशत राशि की मांग को लेकर एक पत्र भी लिखा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
सभी जिलों में प्रेमी जोड़ों की शिकायत पर कार्रवाई के लिए डीसी द्वारा कमेटियों का गठन किया गया है। सभी जिलों में वन स्टाप सेंटर भी खोला गया है, जहां किसी भी तरह से पीड़ित महिला को रहने की सुविधा देकर उचित सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। सभी जिलों में कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा कानूनी सहायता व जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है। डायल 112 व दुर्गा शक्ति एप 24 घंटे महिलाओं के सहायता के लिए उपलब्ध है।
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हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को एक प्रेमी जोड़े की सुरक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ को प्रेमी जोड़ों को आश्रय घर व कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने को कहा था । हाईकोर्ट ने सरकार व कानूनी सेवा प्राधिकरण को स्थानीय स्तर पर टेलीफोन सेवा और इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले 24 × 7 हेल्प डेस्क स्थापित करने का सुझाव दिया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रोजाना दायर होने वाले ऐसे कई मामलों के बीच खतरे के वास्तविक मामलों की अक्सर अनदेखी हो जाती है और कोर्ट पर केसों का अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है। जोड़ों को सुरक्षा प्रदान करने का काम प्रशासन करे ताकि कोर्ट पर बोझ कम हो सके।