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Chandigarh: डंपिंग ग्राउंड में नहीं लगेगा नया प्लांट, राजी थे सभी पार्षद, वोटिंग में किसी ने नहीं उठाया हाथ

Sun, 14 May 2023 02:34 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

स्थानीय पार्षद कुलदीप सिंह ने इसका जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट डड्डूमाजरा की जगह कहीं और लगाना चाहिए। हर बार यही कहकर डंपिंग ग्राउंड में एक प्लांट लगा दिया जाता है कि वहां का कचरा खत्म हो जाएगा। पूर्व प्रशासक ने तो यहां तक कह दिया था कि कचरे का पहाड़ हटने के बाद फुटबॉल का मैदान होगा, लेकिन आज भी पहाड़ जस का तस है।
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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में एक नया प्लांट लगाने का प्रस्ताव अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया है। डंपिंग ग्राउंड में गिरने वाले करीब 174 टन प्रतिदिन (टीडीपी) फ्रेश गीले कचरे को प्रोसेस करने के लिए साढ़े 10 करोड़ में नया प्लांट लगाने के प्रस्ताव पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।
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स्थानीय पार्षद कुलदीप सिंह ने इसका जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह प्लांट डड्डूमाजरा की जगह कहीं और लगाना चाहिए। हर बार यही कहकर डंपिंग ग्राउंड में एक प्लांट लगा दिया जाता है कि वहां का कचरा खत्म हो जाएगा। पूर्व प्रशासक ने तो यहां तक कह दिया था कि कचरे का पहाड़ हटने के बाद फुटबॉल का मैदान होगा, लेकिन आज भी पहाड़ जस का तस है। डड्डूमाजरा के लोगों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। लोग कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, लेकिन कूड़ा हटाने के नाम पर हर बार करोड़ों का एक नया प्लांट लगा दिया जाता है। पार्षद के सवाल पर मेयर अनूप गुप्ता, आयुक्त आनिंदिता मित्रा, चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने भी जवाब दिया और कहा कि अगर यह प्लांट नहीं लगेगा तो 174 टीडीपी गीला कचरा डंपिंग ग्राउंड में गिरता रहेगा। इससे लोगों को ही परेशानी होगी। इस जवाब के बाद भी पार्षद कुलदीप नहीं माने। उन्होंने कहा कि वहां कुछ जगह खाली बची है, फिर एक प्लांट लगा दिया जाएगा तो लोगों के लिए और मुश्किल खड़ी हो जाएगी। इस प्लांट को कहीं और शिफ्ट किया जाना चाहिए।

पहले एजेंडा पास हुआ, लेकिन वोटिंग हुई तो पार्षद मुकरे
काफी देर तक यह बहस चलती रही। भाजपा के पार्षदों की तरफ से उन्हें समझाया गया लेकिन कुलदीप प्लांट को कहीं और शिफ्ट करने की मांग पर अड़े रहे। सुझाव दिया गया कि नए प्लांट को डड्डूमाजरा के घरों से दूर लगाया जाए। एक बार कुलदीप सिंह को छोड़कर अन्य सभी पार्षद इस पर राजी हो गए और एजेंडा को पास कर दिया गया। मेयर के कहने पर अगले एजेंडे पर चर्चा भी शुरू हो गई, लेकिन कुलदीप सिंह बैठे नहीं। कहा कि वह हक में नहीं हैं इसलिए वोटिंग कराई जाए। मेयर ने कहा कि जो भी पार्षद इस प्लांट के लगने के समर्थन में है, वह अपने हाथ खड़े करें। इस पर सभी एक दूसरे की तरफ देखने लगे। कुछ मनोनीत पार्षदों को छोड़ अन्य किसी ने हाथ नहीं उठाया। इसके बाद आनन-फानन में लंच की घोषणा कर दी गई। मेयर ने कहा कि लंच के बाद बात होगी। लंच के दौरान पार्षद और निगम के अधिकारी कुलदीप को समझाते रहे। दोबारा जब सदन शुरू हुआ तो कुलदीप सिंह ने कहा कि वह अपने वार्ड के लोगों से बातचीत करने के बाद ही फैसला लेंगे। इसके बाद मेयर ने इस एजेंडे को अगली
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बैठक के लिए टाल दिया। 

जानिए, साढ़े 10 करोड़ का प्लांट क्या करेगा
शहर में रोजाना करीब 374 टीडीपी गीला कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 200 टीडीपी गीले कचरे को ही प्रोसेस किया जा रहा है। बाकी बचे 174 टीडीपी को डंपिंग ग्राउंड में रोजाना गिराया जा रहा है। इस नए प्लांट में इसी बचे हुए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। निगम का दावा है कि यह प्लांट अस्थायी है और सिर्फ दो साल के लिए होगा, क्योंकि इस बीच में निगम की तरफ से 550 टीडीपी का प्लांट तैयार हो जाएगा लेकिन पार्षदों का मानना है कि 550 टीडीपी का प्लांट लगने में कई साल लगेंगे। ऐसे में इसी प्लांट से निगम काम चलाता रहेगा।
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