पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री मित्र योजना के तहत राज्य के फतेहगढ़ साहिब में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की तैयारी कर ली है, लेकिन नई जगह के चयन के चलते यह प्रोजेक्ट इस उद्योग से जुड़े कारोबारियों के गले नहीं उतर रहा। टेक्सटाइल से जुड़े सूबे के औद्योगिक घरानों ने सरकार के इस प्रस्ताव को नकार दिया है। संघों ने बाकायदा सरकार को इस बाबत सुझाव दिए हैं।
गौर हो कि पंजाब का लुधियाना जिला टेक्सटाइल उद्योग का हब है। यहां से हर वर्ष हजारों करोड़ का यार्न भी निर्यात किया जाता है। इसके अलावा टेक्सटाइल से जुड़ी पूरी सपोर्टिंग इंडस्ट्री भी लुधियाना में स्थित है। इनमें डाइंग के अलावा बटन और कपड़ा आदि तैयार करने वाले उद्योग शामिल हैं। लुधियाना डाइंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष बॉबी जिंदल का कहना है कि डाइंग यूनिट लुधियाना से फतेहगढ़ साहिब श्फ्टि नहीं हो सकती, क्योंकि इससे जुड़े सारे कुशल श्रमिक और मशीनरी यहीं पर उपलब्ध है। एक नया डाइंग प्लांट लगाने में करोड़ों का खर्च आता है। यह संभव नहीं है। अगर यह पार्क लुधियाना में लगता है तो पहले से स्थापित उद्योगों को लाभ होगा।
वहीं, लुधियाना निटवेयर क्लब के अध्यक्ष विनोद थापर का कहना है कि सरकार को इस प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। उद्योगपतियों की ओर से इसको लेकर सुझाव भी दिए गए हैं। टेक्सटाइल पार्क के लिए पूरी सपोर्टिंग इंडस्ट्री लुधियाना में है। इसे किसी भी सूरत में यहीं स्थापित किया जाना चाहिए। एमएसएमई एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश कैरपाल का कहना है कि सरकार को लुधियाना में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। अगर शहर में जगह की दिक्कत है तो लुधियाना के करीब ही इसके लिए जगह का चयन करना चाहिए। गौर हो कि मुख्यमंत्री ने मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एवं एपेरल पार्क बनाने के लिए केंद्र को एक हजार एकड़ जमीन देने की पेशकश की है।