अनुसूचित जाति वर्ग के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल की आरोपी अभिनेत्री युविका चौधरी को राहत जारी रखते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक जारी रखी है। साथ ही उन्हें जांच में शामिल होने का भी आदेश दिया है।
25 मई को युविका चौधरी ने अपने ब्लॉग पर एक वीडियो डाला था जिसे लेकर विवाद हो गया और हांसी में दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कल्सन ने उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज करवा दिया था। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए युविका ने हिसार की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। हिसार की विशेष अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
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हाईकोर्ट ने इस मामले में उन्हें राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस रोक को बढ़ाते हुए याची को जांच में शामिल होने का आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए युविका ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर युविका को बिना कोई राहत दिए सुनवाई स्थगित कर दी थी।