चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के नए निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया बने हैं। वह वर्तमान में एनआईटी कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वह पांच साल या अधिकतम 62 साल तक इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे। जल्द ही वह एनआईटी कुरुक्षेत्र से रिलीव होकर पेक निदेशक का पदभार संभालेंगे। पेक निदेशक के नए नाम की घोषणा चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने की है।
पेक के निदेशक का पद काफी महत्व रखता है। यह संस्थान चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन है। डीम्ड यूनिवर्सिटी होने के नाते इसकी पहचान है। पिछले साल दिसंबर में पेक के निदेशक रहे प्रो. धीरज सांघी ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी। उसके बाद उन्होंने 31 मार्च को पद छोड़ दिया। उसी के साथ इस पद के लिए आवेदन मांगे गए। देशभर से लगभग 60 प्रोफेसरों ने आवेदन किया था, जिसमें से 36 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इन सभी का साक्षात्कार पांच अगस्त को हुआ था। पेक में निदेशक तो कई बने, लेकिन कुछ ने बिना कार्यकाल पूरा किए ही इस्तीफा दे दिया।
बताया जाता है कि ये निदेशक अपने मुताबिक संस्थान को ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि पेक आईआईटी या फिर एनआईटी बने। प्रो. धीरज सांघी ने भी इसी के लिए प्रयास किए थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनके इस्तीफे के बाद पेक निदेशक का कार्यभार प्रो. सिबी जॉन के पास है।
नए निदेशक के सामने ये हैं चुनौतियां
पेक को एनआईटी या आईआईटी का दर्जा दिलाना।
पारदर्शी तरीके से शिक्षकों की भर्तियां करना।
छात्रों की संख्या के मुताबिक छात्रावासों का निर्माण करवाना।
चंडीगढ़ प्रशासन के साथ तालमेल बनाना।
पेक के 100 साल पूरे होने पर विशेष पैकेज दिलाना।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए मंजूर हुए 100 करोड़ रुपये लाना।
प्रो. बलदेव सेतिया का कॅरिअर एक नजर में
नाम : प्रो. बलदेव सेतिया
वर्तमान पद : प्रोफेसर, एनआईटी, कुरुक्षेत्र हरियाणा
विभाग : सिविल इंजीनियरिंग
पीएचडी : आईआईटी कानपुर
पसंदीदा शोध क्षेत्र : वाटर रिसॉर्स इंजीनियरिंग, ग्राउंड वाटर इंजीनियरिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग
शिक्षण एवं शोध क्षेत्र अनुभव : 35 वर्ष
प्रशासनिक अनुभव : पांच साल से अधिक
प्रमुख पदों पर रहे : निदेशक एआईसीटीई नई दिल्ली, डीन एकेडमिक कुरुक्षेत्र, हेड सिविल इंजीनियरिंग विभाग एनआईटी कुरुक्षेत्र, प्राचार्य महर्षि मार्कंडेश्वर इंजीनियरिंग कॉलेज मुलाना अंबाला
शोध पत्र : 170 से अधिक