फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: नवजोत सिद्धू के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट, 21 अक्तूबर को अदालत में होना होगा पेश, जानें- क्या है मामला

Wed, 19 Oct 2022 12:27 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि पहले भी सिद्धू के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अर्जी खारिज की जा चुकी है। इसके बाद उनकी तरफ से दायर पुनर्विचार याचिका को सत्र न्यायाधीश मुनीश सिंघल भी खारिज कर चुके हैं, लिहाजा सिद्धू को अब कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।
विज्ञापन
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लुधियाना में सीएलयू के एक केस में सीजेएम सुमित मक्कड़ की कोर्ट ने पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बतौर गवाह 21 अक्तूबर को लुधियाना कोर्ट में तलब किया है। अदालत ने सिद्धू के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। यही नहीं अदालत ने सिद्धू की तरफ से 29 सितंबर को दायर की गई उस अर्जी को भी रद्द कर दिया है, जिसमें सिद्धू ने पुन: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बयान दर्ज करने की मांग की थी।

विज्ञापन


गौरतलब है कि पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने पूर्व खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ एक शिकायत दायर की थी। अब इसी मामले में सिद्धू को गवाह के रूप में तलब किया गया है। कोर्ट ने उक्त मामले में पहले भी पेश होने को कहा था, तब सिद्धू ने कोर्ट में पेश होने के बजाय वीसी के जरिये पेश होने की बात कही थी। दूसरी ओर मंगलवार सीजेएम ने कहा कि शिकायतकर्ता पूर्व डीएसपी सेखों का केस है।
 

तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री सिद्धू ने सेखों को एक जांच सौंपी थी। हालांकि शिकायतकर्ता को जांच करने से रोकने के लिए पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु ने उन्हें फोन किया और धमकी दी थी। उल्लेखनीय है कि आशु व सेखों को धमकी देने का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

विज्ञापन

 

अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि पहले भी सिद्धू के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अर्जी खारिज की जा चुकी है। इसके बाद उनकी तरफ से दायर पुनर्विचार याचिका को सत्र न्यायाधीश मुनीश सिंघल भी खारिज कर चुके हैं, लिहाजा सिद्धू को अब कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें