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गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी

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चंडीगढ़। साल 2018 में यूटी पुलिस के निरीक्षक अमनजोत सिंह पर गोलियां चलाने के मामले में आरोपी गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा जिला अदालत में शनिवार को सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुआ। अदालत ने दिलप्रीत के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है। जिला अदालत ने जेल सुपरिंटेंडेंट को नोटिस जारी कर कहा है कि वह गैंगस्टर दिलप्रीत को लाने का इंतजाम करें।
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यह घटना साल 2018 में जिला अदालत के सामने सेक्टर-43 बस स्टैंड की पार्किंग के पास हुई थी। इसमें दो और आरोपी हैं, जो देश की अलग-अलग जेलों में बंद हैं। दिलप्रीत ने अपने इन्हीं साथियों के साथ मिलकर सेक्टर-38 में पंजाब के होशियारपुर के गांव खुर्दा के सरपंच की हत्या की थी। दिलप्रीत के खिलाफ जिला अदालत में दो केस चल रहे हैं, जिनमें से एक सरपंच हत्या मामला है और दूसरा अमनजोत पर हमले में आर्म्स एक्ट के तहत केस शामिल है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
अदालत ने इस मामले में दो गवाहों एसपी तेजिंदर सिंह और एमएमएचसी नरेश कुमार को पेश होने के लिए समन भेजे हैं। इन दोनों की 11 अप्रैल को गवाही होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से अदालत में न आने की अर्जी लगाई थी जिसे मंजूर कर लिया गया था। अदालत ने अब दोनों को 30 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा है।
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दिलप्रीत ने की थी सरपंच की हत्या
दिलप्रीत सिंह ने अपने साथियों के साथ साल 2017 में सेक्टर-38 स्थित गुरुद्वारा साहिब के सामने होशियारपुर के गांव खुर्दा निवासी सरपंच सतनाम सिंह की हत्या कर दी थी। इसके बाद से दिलप्रीत अपने साथियों के साथ फरार चल रहा था। इस दौरान अपराध शाखा के पूर्व निरीक्षक अमनजोत सिंह को सूचना मिली कि दिलप्रीत सेक्टर-43 बस स्टैंड की और ड्रग्स सप्लाई करने आ रहा है। इसी बीच गैंगस्टर दिलप्रीत को पकड़ने के दौरान पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हुई। बाबा ने अमनजोत व पुलिस टीम पर दो गोलियां चला दीं, लेकिन अमनजोत की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाबा के पैर में गोली मारकर उसे काबू कर लिया। इस घटना में अमनजोत बाल-बाल बचे थे। इस ऑपरेशन में पंजाब पुलिस की टीम भी चंडीगढ़ पुलिस के साथ मौजूद रही थी।
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