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हरियाणा में बिजली कटौती: उद्योगों में उत्पादन घटा, मजदूरों और कर्मियों पर रोजगार का संकट

Wed, 04 May 2022 01:03 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

उद्योगपतियों का कहना है कि सबसे अधिक नुकसान पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ और हिसार के औद्योगिक क्षेत्र में आ रही है। इन शहरों के हजारों छोटे-बड़े उद्योग प्रभावित हैं और मजदूरों को भी काम मिलना बंद हो गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में बिजली संकट बरकरार है। सरकार के तमाम दावों के बीच अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक के कट लगाए जा रहे हैं। जन जीवन प्रभावित हो रहा है और उद्योगों में उत्पादन 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। हजारों मजदूरों और कर्मचारियों के रोजगार पर संकट आ गया है। अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था न होने से अभी कटों से राहत के आसार नहीं हैं।

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इस समय प्रदेश में बिजली की मांग 9200 मेगावाट को पार कर चुकी है, जबकि आपूर्ति 7400 मेगावाट है। 1800 मेगावाट की कमी के चलते बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। उद्योंगों में रात 8 से सुबह 4 बजे तक बिजली सप्लाई बंद की गई है। जेनरेटर से फैक्ट्री को चलाना महंगा पड़ रहा है। उद्योगों में रात की शिफ्ट बंद करनी पड़ रही है। इससे उत्पादन 40 से 50 प्रतिशत कम हो गया है और उद्योगपतियों के सामने करार समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। 

उद्योगपतियों का कहना है कि सबसे अधिक नुकसान पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ और हिसार के औद्योगिक क्षेत्र में आ रही है। इन शहरों के हजारों छोटे-बड़े उद्योग प्रभावित हैं और मजदूरों को भी काम मिलना बंद हो गया है। पंचकूला के उद्योगपति पंकज मित्तल, फरीदाबाद के रवि सचदेवा ने कहा कि कटों से उद्योगों को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। 
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एमडी से मिले उद्योगपति, मिला आश्वासन
हरियाणा चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के पूर्व प्रधान विष्णु गोयल ने कहा कि बिजली कटों को लेकर उद्योगपतियों का एक शिष्टमंडल उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी से मिला है। एमडी ने आश्वास्त किया है कि 15 मई तक व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। गोयल ने कहा कि कट लगने के कारण उद्योगों को नुकसान झेलना पड़ रहा है और उत्पादन जबरदस्त प्रभावित हो रहा है। 

हरियाणा सरकार ने बिजली की व्यवस्था के लिए तमाम तैयारियां की हैं। जल्द ही अदाणी कंपनी से विवाद सुलझ जाएगा और 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली भी खरीदी जानी है। इसलिए उद्योगों में कटों को भी राहत मिल जाएगी।
-रणजीत सिंह, बिजली मंत्री


कोयले की आपूर्ति आधे से भी कम, लग रहे 8 से 10 घंटे कट
प्रदेश में कोयले की आपूर्ति आधे से भी कम होने से बिजली उत्पादन प्रभावित हो गया है। बिजली उत्पादन इकाइयों को पहले सात दिन का अतिरिक्त कोयला मिल जाता था, अब सिर्फ तीन दिन का मिल रहा है। कोयले की कमी के कारण पर्याप्त बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा। औद्योगिक नगरी पानीपत को नेशनल ग्रिड यमुनानगर, फरीदाबाद, और पानीपत थर्मल से प्रतिदिन बिजली मिलती है। गर्मी में बिजली खपत 25 करोड़ यूनिट से बढ़कर 35 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। सिर्फ 18 से 22 करोड़ यूनिट ही बिजली मिल पा रही है। यानी मांग से 13 से 17 करोड़ यूनिट बिजली प्रतिदिन कम मिल रही है। इससे 5 से 10 घंटे के कट लगाए जा रहे हैं।

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