हरियाणा में बिजली संकट बरकरार है। सरकार के तमाम दावों के बीच अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक के कट लगाए जा रहे हैं। जन जीवन प्रभावित हो रहा है और उद्योगों में उत्पादन 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। हजारों मजदूरों और कर्मचारियों के रोजगार पर संकट आ गया है। अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था न होने से अभी कटों से राहत के आसार नहीं हैं।
हरियाणा सरकार ने बिजली की व्यवस्था के लिए तमाम तैयारियां की हैं। जल्द ही अदाणी कंपनी से विवाद सुलझ जाएगा और 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली भी खरीदी जानी है। इसलिए उद्योगों में कटों को भी राहत मिल जाएगी।
-रणजीत सिंह, बिजली मंत्री
कोयले की आपूर्ति आधे से भी कम, लग रहे 8 से 10 घंटे कट
प्रदेश में कोयले की आपूर्ति आधे से भी कम होने से बिजली उत्पादन प्रभावित हो गया है। बिजली उत्पादन इकाइयों को पहले सात दिन का अतिरिक्त कोयला मिल जाता था, अब सिर्फ तीन दिन का मिल रहा है। कोयले की कमी के कारण पर्याप्त बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा। औद्योगिक नगरी पानीपत को नेशनल ग्रिड यमुनानगर, फरीदाबाद, और पानीपत थर्मल से प्रतिदिन बिजली मिलती है। गर्मी में बिजली खपत 25 करोड़ यूनिट से बढ़कर 35 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। सिर्फ 18 से 22 करोड़ यूनिट ही बिजली मिल पा रही है। यानी मांग से 13 से 17 करोड़ यूनिट बिजली प्रतिदिन कम मिल रही है। इससे 5 से 10 घंटे के कट लगाए जा रहे हैं।