पंजाब के करीब साढ़े तीन लाख पेंशनभोगियों को अब उनकी पेंशन से जुड़ी समस्याओं के निपटारे के लिए विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब उनकी समस्या का समाधान घर बैठे ही व्हाट्सएप, ईमेल या फोन पर हो जाएगा। इस दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिया है।
पेंशनरों की शिकायतों के निपटारे के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम गठित करने के साथ तीन माध्यमों से शिकायत करने की सुविधा शुरू की है। यहां पर शिकायत आएगी तो पहल के आधार पर उनका निपटारा होगा। अगर कोई इससे संतुष्ट नहीं होता तो वह अपनी राय भी उक्त सिस्टम से सरकार तक पहुंचा पाएगा।
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राज्य सरकार के पेंशन भोगियों को कई तरह की दिक्कतें आती हैं। कई बार तो ऐसा होता कि दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है। इन समस्याओं को पेंशनभोगी भी काफी समय से उठा रहे थे। ऐसे में सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है।
सरकार के पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग पंजाब ने इस सिस्टम को तैयार किया है। इसमें पहले एक टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की गई। पेंशन भोगियों को 1800 180 2148 नंबर पर फोन करना होगा। व्हाट्सएप पर शिकायत देने के लिए 7589002148 नंबर और ईमेल pension.helpdesk@punjab.gov.in पर संपर्क करना होगा। इन नंबरों पर पेंशनभोगी सुबह नौ से शाम पांच बजे तक संपर्क कर सकते हैं। पेंशन विभाग के डायरेक्टर ने अपने आदेश कहा कि पेंशनर चाहे पंजाब सरकार के किसी भी विभाग से रिटायर हो, वे इसके लिए आवेदन कर पाएंगे।
पंजाब सबसे ज्यादा पेंशन देने वाले राज्यों में से एक
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब उन राज्यों में है, जो अपने पेंशनर्स को सबसे ज्यादा पेंशन दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में पेंशन का हिस्सा राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद का 2.32 प्रतिशत था। यदि पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी जाती है, तो इसके और बढ़ने की संभावना है। यानी पंजाब देश में सबसे ज्यादा पेंशन देने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।
जिन अन्य राज्यों ने पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा की है, उसमें छत्तीसगढ़ के कुल सकल घरेलू उत्पाद का 1.81 प्रतिशत, झारखंड का 2.23 प्रतिशत और राजस्थान का 2.44 प्रतिशत हिस्सा पेंशन पर खर्च हो रहा है। इसी वर्ष पंजाब के खजाने पर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये का नया बोझ पड़ा है, जिसमें से राज्य सरकार अपने सभी संसाधनों से मात्र दो हजार करोड़ रुपये ही अतिरिक्त जुटाती दिख रही है।