कोहरे की वजह से कम विजुअलिटी की वजह से ट्रेन, और विमान यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
एयरपोर्ट के कमजोर इक्युपमेंट के कारण मंगलवार को कुल 14 उड़ाने कैंसल करनी पड़ीं। विजिबिलिटी दोपहर को ठीक हुई तो इंडिगो और जेट एयरवेज के विमानों की लैंडिंग हो सकी।
नतीजा हुआ कि यात्री विमानन कंपनियों की खिड़कियों पर अपने रिफंड और आगे की यात्रा के लिए झगड़ते नजर आए।
चंडीगढ़ में कुल 18 फ्लाइट्स हैं। इनमें से तीन फ्लाइट्स ही आपरेट हो सकीं। एक को पुअर विजीबिलिटी की वजह से उतरने की अनुमति नहीं मिली। उसको डायवर्ट करके दिल्ली ले जाया गया।
ये विमान उतरे
इंडिगो-चंडीगढ़-बंगलुरु-हैदराबाद
इंडिगो-चंडीगढ़-मुंबई
जेट एयरवेज-चंडीगढ़-मुंबई
चंडीगढ़ एयरपोर्ट के डायरेक्टर कैप्टन एचएस तूर ने बताया कि चंडीगढ़ में आईएलएस की क्षमता 1200 मीटर है। बुधवार को विजिबिलिटी दो सौ मीटर से लेकर 1200 मीटर तक रही। दोपहर के समय विजिबिलिटी 1200 के करीब हुई तो तीन विमानों की लैंडिंग हो सकी।
दो घंटे लेट पहुंची शताब्दी
मंगलवार को सुबह नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटा देरी से चंडीगढ़ पहुंची।
ट्रेन का निर्धारित समय सुबह 11:05 बजे है लेकिन, यह दोपहर 1 बजे के बाद पहुंची। शताब्दी के देरी से पहुंचने के कारण यात्रियों के कार्यक्रम खराब हो गए।
रात में आने वाली गोनों शताब्दी भी देरी से चंडीगढ़ पहुंच रही हैं। वहीं ऊंचाहार एक्सप्रेस के बुधवार को 14 घंटे देरी से आने के कारण चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए जाने वाली ट्रेन भी पांच घंटा देरी से रवाना हुई।
10 अन्य गाड़ियां भी लेट
- इलाहाबाद से आने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस लगभग 14 घंटा देरी से पहुंची
- लखनऊ से आने वाली सद्भावना डेढ़ घंटे देरी से चंडीगढ़ पहुंची
- हावड़ा से कालका जाने वाली कालका मेल चार घंटा देरी से पहुंची
- हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस 50 मिनट देरी से चंडीगढ़ आई
- ऊना से नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस भी 50 मिनट देरी से चंडीगढ़ पहुंची
- नई दिल्ली से ऊना जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटा देरी से आई
-डिब्रूगढ़ से आने वाली ट्रेन ढाई घंटे की देरी से चंडीगढ़ पहुंची
-कालका-बाड़मेर एक्सप्रेस तीन घंटा देरी से चंडीगढ़ आई
-लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस दो घंटा देरी से चंडीगढ़ आई
-बांद्रा से आने वाली पश्मिच एक्सप्रेस तीन घंटा देरी से आई