इनाम निकलने की खुशी... मगर चेहरे पर टिकट न होने की मायूसी
उधर, जिस दुकान से कर्मजीत ने टिकट खरीदा था, उसके दुकानदार ने फोन कर बताया कि उनका 5000 का इनाम निकला है। वह उनसे मिलना चाहते हैं। जब वह उन्हें मिलने गोलेवाला आए तो उन्होंने बताया उनका 5000 का नहीं बल्कि डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम निकला है। यह सुनकर कर्मजीत सिंह को खुशी भी हुई लेकिन उनके पास टिकट न होने की मायूसी चेहरे पर छा गई।
लॉटरी विक्रेता बोला- मैंने टिकट फेंक दी
बाद में कर्मजीत सिंह ने गांव गोलेवाला के कुछ लोगों को साथ में लिया और फरीदकोट के उस लॉटरी विक्रेता से संपर्क किया, जिसने टिकट खाली होने की बात कही थी। उस लॉटरी विक्रेता का कहना है कि उन्होंने उसी समय टिकट फेंक दी थी। वहीं श्री दमदमा साहिब के लॉटरी विक्रेता का कहना है कि नियम के अनुसार लॉटरी का इनाम मिलेगा। लॉटरी का पहला इनाम डेढ़ करोड़ रुपये कर्मजीत सिंह को ही मिलेंगे और उन्हें उनका कमीशन मिलेगा लेकिन लॉटरी का टिकट होना जरूरी है।
लॉटरी विक्रेता के पास है रिकॉर्ड, मुझे ही मिले इनाम
कर्मजीत सिंह का कहना है कि यह इनाम उन्हें ही मिलना चाहिए अगर किसी और ने इस लॉटरी को दिखाया तो उसे इनाम ना दिया जाए क्योंकि यह लॉटरी का टिकट उनके नाम पर खरीदा गया है और श्री दमदमा साहिब के लॉटरी विक्रेता के पास इसका रिकॉर्ड भी मौजूद है। उन्होंने सरकार से इनाम की राशि दिलाने की गुहार लगाई है।