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चंडीगढ़: बुडैल जेल में मृत मिला कैदी, घरवालों का आरोप- पीट-पीटकर की गई हत्या

Mon, 24 Feb 2020 05:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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बुड़ैल जेल में स्नैचिंग के अंडर ट्रायल कैदी ने बैरक नंबर-9 में सोमवार सुबह शॉल से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए जीएमसीएच-32 में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि वीरपाल उर्फ वीरू ने खुदकुशी नहीं बल्कि पुलिस टार्चर से उसकी मौत हुई है। जेल प्रशासन खुद को बचाने के लिए झूठी कहानी बना रहा है। इसके बाद जज खुद अस्पताल पहुंचे और मृतक के पत्नी और घरवालों का बयान दर्ज किया। सेक्टर-49 थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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मामला सोमवार तड़के 4.08 बजे का है। जब जेल की बाथरूम में वीरपाल का दोनों पैर जमीन से ऊपर उठा दिखा। इसके बाद साथी कैदी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। मामला जेल स्टॉफ तक पहुंचा तो किसी तरह वीरपाल के शव को फंदे से उतारकर उसे जीएमसीएच-32 पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन की जांच में सामने आया कि मृतक का नाम सेक्टर-56 निवासी वीरपाल उर्फ वीरू (28) है। वीरपाल वर्ष 2019 में स्नैचिंग के एक केस में बैरक नंबर-9 में अंडर ट्रायल पर सजा काट रहा था।

वीरपाल ने शॉल को फाड़ पतली रस्सी बनाकर दूसरे बाथरूम के नल में बांधकर फंदे से लटक गया। पुलिस के रवैया से गुस्साएं परिजनों ने जीएमसीएच-32 में हंगामा करना शुरू कर दिया। मामला इस कदर बढ़ गया कि घटनास्थल पर सेक्टर-34 थाना प्रभारी बलदेव कुमार को पहुंचना पड़ा। इसके बाद उन्होंने किसी तरह से मामला शांत करवाया।
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किसकी लापरवाही से वीरपाल ने लगाया फंदा

बता दें कि जेल के अंदर की सुरक्षा इतना ज्यादा है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। फिर ऐसा क्या था कि जेल प्रशासन वीरपाल पर ध्यान क्यों नहीं दे पाया। हालांकि, इस घटना से जेल के अधिकारी खुद पर लगे आरोपों को निराधार बता रहे हैं। यह एक बड़ा सवाल है कि इस लापरवाही का जिम्मेवार कौन है। फिलहाल, सेक्टर-49 थाना पुलिस ने सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
   
पत्नी बोली- 2.30 बजे जेल जाना था वीरपाल से मिलने
वीरपाल की शादी करीब सातसाल पहले सोनिया से हुई थी। उसका बेटा डेढ़ साल और बेटी तीन सात की है। परिवार सेक्टर-56 निवासी है। रोते बिलखते सोनिया ने बताया कि उसके घर पर पुलिस वाले ने आकर कहा कि वीरपाल की तबियत खराब है, उन्हें फौरन जीएमसीएच-32 चलना होगा। आनन फानन में परिवार अस्पताल पहुंचा। इसके बाद पता चला कि वीरपाल की मौत हो चुकी है।

सोनिया ने बताया कि शनिवार को जब वीरपाल से कोर्ट में मिली थी तो वह बिल्कुल ठीक था। वीरपाल ने कहा था कि सोमवार दोपहर उससे मिलने जेल में आ जाना। सुबह घर में यही चर्चा थी कि घर का काम खत्म करने के बाद जेल में वीरपाल से मिलने जाना है, इसी के बाद यह सूचना मिल गई।
 
गले और मुंह से निकल रहा था खून
वीरपाल के भाई मुकेश ने बताया कि उसने जब शव को देखा तो वह हैरान हो गया, क्योंकि वीरपाल के मुंह और गले से खून निकल रहा था। शव को देख यह लग रहा था कि उसे टार्चर किया है, जिस वजह से उसकी मौत हुई है। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है। वहीं, देर शाम जीएमसीएच-32 में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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शनिवार को हुई थी वीरपाल को जेल

पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-34 निवासी दीन बंधु ने बताया था कि वह ऑटो चालक है। 31 अगस्त वर्ष 2019 को उसके ऑटो में एक सवारी ने बैठकर बोला कि उसे पलसोरा जाना है। थोड़ी देर मे ऑटो जब बडहेड़ी चौक पर पहुंचा तो सवारी ने रुकवा लिया। ऑटो को रोकते ही सवारी उसके आंखों में लाल मिर्च डालकर उसका मोबाइल छीनकर फरार हो गया।

परिजनों का आरोप है कि सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इस आरोप में उसे बीते बुधवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के करीब तीन दिन बाद शनिवार को उसे जिला अदालत में पेशकर 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वकील महिमा ने बताया कि वीरपाल की जमानत के कागजात पूरे किए जा रहे थे।

सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शनिवार को वीरपाल उनकी जेल में आया था। उसे बैरक नंबर-9 में रखा गया। शॉल के सहारे उसने फंदा लगाया है।
- अमनदीप सिंह, जेल सुपरिंटेंडेंट, बुड़ैल जेल
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