पीठ पर लिखा ‘आतंकवादी’ दिखाता कैदी।
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बरनाला का जेल प्रशासन सजा काट रहे एक कैदी से बुरी तरह मारपीट करने और उसकी पीठ पर ‘आतंकवादी’ लिख देने के गंभीर आरोपों में घिर गया है। मानसा सीजेएम की अदालत ने सीजेएम कम जुडीशियल मजिस्ट्रेट बरनाला को मामले की जांच करने और जिम्मेदार जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बरनाला की जेल में एक कैदी कर्मजीत सिंह निवासी गांव बलमगढ़ तहसील समाना जिला पटियाला सजा काट रहा है। उसके खिलाफ थाना सदर मानसा में वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था। इस मामले में बुधवार को कैदी कर्मजीत सिंह को बरनाला जेल से मानसा की सीजेएम अतुल कंबोज की अदालत में पेशी पर लाया गया था। जैसे ही उसको जज के सामने पेश किया गया तो कर्मजीत सिंह ने बरनाला जेल प्रशासन पर अपने और अन्य कैदियों के साथ बुरी तरह मारपीट करने का आरोप लगाया और कहा कि उसको गर्म सरिये से पीटा गया और उसकी पीठ पर जेल अधिकारियों ने ‘आतंकवादी’ भी लिख दिया।
उसने अदालत में ही कपड़े उतारकर पीठ पर लिखा 'आतंकवादी' और गहरे जख्म दिखाए। उसने कहा कि बरनाला जेल प्रशासन उनके साथ लंबे समय से बुरा बर्ताव करता आ रहा है। उसकी व अन्य कैदियों की बुरी तरह पिटाई की गई। यहां तक कि उनको जेल में पाठ तक भी नहीं करने दिया जाता। उसने कहा कि बरनाला जेल में कैदियों के साथ पशुओं जैसे बुरा व्यवहार किया जा रहा है।
कर्मजीत सिंह के वकील एडवोकेट बलवीर कौर ने बताया कि इन गंभीर आरोपों को लेकर बरनाला जेल प्रशासन बुरी तरह घिर गया है। सीजेएम मानसा की अदालत ने सीजेएम कम जुडीशियल मजिस्ट्रेट बरनाला को मारपीट की जांच करवाने और जिम्मेदार जेल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का लिखित आदेश दिया। यह मामला दूसरे जिले का होने के कारण अदालत ने वहां की अदालत को लिखा है। उन्होंने बताया कि जज को बरनाला जेल में कैदियों के साथ होने वाले बुरे व्यवहार के संबंध में अनेक कैदियों ने भी चिट्ठी लिखी है।
झूठ बोल रहा है कर्मजीत सिंह
बरनाला जेल अधीक्षक बलवीर सिंह ने कहा कि कर्मजीत सिंह झूठ बोल रहा है। इस पर 12 मामले दर्ज हैं। कत्ल केस में इसको उम्रकैद हो चुकी है। यह व्यक्ति जेल में एक गैंग तैयार कर रहा था। हमें इससे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसकी वजह से यह आरोप लगा रहा है।
रंधावा ने दिया जांच का आदेश
उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रंधावा ने एडीजीपी (जेल) को इस मामले की गहराई से जांच करने और मामले की तह तक जाने और कैदी का मेडिकल करवाने का आदेश दिया है। एडीजीपी (जेल) पीके सिन्हा ने बताया कि डीआईजी फिरोजपुर सर्कल तजिंदर सिंह मोड़ को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। गुरुवार को एक पुलिस अधिकारी के साथ मौके पर जाकर जांच करेंगे।