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रूस-यूक्रेन युद्ध: बिगाड़ने लगा रसोई का बजट, निर्माण सामग्री के दामों में भी इजाफा, ईंट व सरिया के भाव बढ़े

Thu, 03 Mar 2022 05:59 PM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

दूध और कामर्शियल गैस के दाम में हुई वृद्धि से भी जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। डीजल के दाम बढ़ने के आसार हैं। चार हजार रुपये टन लोहा का दाम बढ़ने से हाहाकार मच गया है। सरिया से लेकर लोहे की तमाम वस्तुएं महंगी होने लगी हैं। इसके अलावा ईंट के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं।
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रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत में बढ़ रही महंगाई ने आम जनता को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के कारण पॉम ऑयल, रिफाइंड, दूध, सब्जियों व अन्य कईं वस्तुओं के दाम में तेजी दिख रही है, जिसके कारण गृहणियों के घर का बजट बिगड़ने लगा है। अगर पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी होती है तो गृहणियों की रसोई में महंगाई का और तड़का लग सकता है। जब इस संबंध में कुछ महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने इस युद्ध को गैर जरूरी बताया और इसकी निंदा कर समाप्त करने की अपील की। 

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20 प्रतिशत तक बढ़ गया है रसोई का बजट: श्वेता गुप्ता
युद्ध के कारण बढ़ रही महंगाई पर श्वेता गुप्ता का कहना है कि रसोई घर में सबसे ज्यादा जरूरी वस्तुएं आटा, दाल, तेल आदि होती हैं, जिनके दामों में उछाल आ गया है। जंग से पहले जो आटा 320 रुपये प्रति 10 किलो था, वो आज 360 तक पहुंच गया है। रिफाइंड प्रति लीटर 25 से 30 रुपये और दाल भी 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक मंहगी होने से रसोई का बजट 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है। बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर सरकार को कुछ सोचना चाहिए। 

बेवजह दाम बढ़ाने वाले व्यापारियों पर नजर रखे सरकार: रेखा मित्तल
रसोई खर्च में हुई बढ़ोतरी के बारे में रेखा मित्तल ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध यदि लंबा खिंचता है तो महंगाई बढ़ना तय है। युद्ध के कारण काफी वस्तुओं जिनमें दूध, आटा, दाल, तेल के दाम तो बढ़ भी गए हैं। अगर युद्ध न रुका तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि एक तो युद्ध के कारण महंगाई बढ़ रही है, वहीं कुछ व्यापारी जान बूझकर भी वस्तुओं के दाम बढ़ा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि ऐसे हालातों में बेवजह वस्तुओं के दाम बढ़ाने वाले दुकानदारों व व्यापारियों पर नजर रखे, ताकि ये लोग युद्ध के नाम पर आम जनता को लूट न सकें।    

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महंगाई तो बढ़ी लेकिन उससे ज्यादा लोगों की मौत का दुख: सविता मित्तल  
गृहिणी सविता मित्तल ने कहा कि युद्ध के कारण महंगाई तो बढ़ी है। युद्ध के कारण अरबों रुपया हथियारों के रूप में नष्ट हो रहा है और हजारों जान जा रही हैं। युद्ध कभी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता, इसे जल्द से जल्द रोक देना चाहिए। महंगाई बढ़ने का दुख तो है ही इसके अलावा सबसे ज्यादा दुख उन लोगों के लिए हो रहा है, जिन्होंने इसमें अपनों को खो दिया है। 

जंग से नहीं हो सकता किसी का भी फायदा: संतोष दत्ता
किला मोहल्ला की रहने वालीं संतोष दत्ता ने कहा कि युद्ध के कारण रिफाइंड तेल प्रति लीटर 30 रुपये बढ़ गया है। इसके अलावा घी के दाम 20 रुपये किलो व सब्जियों के दाम भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जंग से किसी का न तो कभी फायदा हुआ है और न ही कभी हो सकता है। रूस को यूक्रेन पर हमले बंद करने चाहिए ताकि विश्व में दोबारा शांति कायम की जा सके। 

पेट्रोल-डीजल के दाम बढे़ तो और बढे़गी महंगाई: जगजीत कंबोज
इस जंग के बाद बने हालात पर ट्रांसपोर्टर जगजीत सिंह कंबोज का कहना है कि जंग चाहे रूस-यूक्रेन के बीच है लेकिन इसका असर सारी दुनिया पर होना लाजमी है। इसके कारण महंगाई तो बढ़ी है लेकिन अगर पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ते हैं तो महंगाई और बढे़ंगी। इसका कारण यह है कि पंजाब में काफी हद तक सब्जियों के साथ रिफाइंड, घी, आटा व अन्य कंपनियों का सामान भी बाहर से ही आता है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से इनका बढ़ना भी लाजमी है। इसलिए हर हाल में इस जंग का खत्म हो जाना ही बेहतर है। 
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रूस यूक्रेन युद्ध ने आम नागरिकों पर डाला प्रभाव, सरिया से लेकर ईंट तक महंगी
रूस और यूक्रेन के मध्य छिड़ी जंग का असर देश में खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम के रूप में देखने को मिल रहा है। युद्ध के कारण विदेश से आने वाले पॉम आयल के दाम में जहां वृद्धि हो गई है, वहीं अन्य खाद्यान्न तेल के दाम भी 30 फीसदी बढ़ गए हैं। दूध और कामर्शियल गैस के दाम में हुई वृद्धि से भी जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। डीजल के दाम बढ़ने के आसार हैं। 

चार हजार रुपये टन लोहा का दाम बढ़ने से हाहाकार मच गया है। सरिया से लेकर लोहे की तमाम वस्तुएं महंगी होने लगी हैं। इसके अलावा ईंट के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं। कॉलोनाइजर निशान गुप्ता का कहना है कि निर्माण सामग्री में अचानक वृद्धि हो गई है और लोगों के जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ने लगा है। ईंट का भाव 7.5 रुपये तक पहुंच गया है जबकि सीमेंट की बोरी 400 रुपये में मिलने लगी है। 

वहीं, बिल्डर पप्पी अरोड़ा का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने आम जनता की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। हर घर के निर्माण की कीमत 30 फीसदी के आसपास बढ़ चुकी है। ज्यादा असर लोहे के दाम का हुआ है। स्टील व लोहे की कीमत बढ़ने से सरिया के साथ-साथ पाइप फिटिंग, सेनेटरी फिटिंग की कीमत बढ़ती जा रही है।
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