410 खरीद केंद्र, 72 घंटे में भुगतान का दावा
72 घंटे में भुगतान के आदेश दिए गए हैं। एक अप्रैल से 15 मई तक खरीद होगी। कुल 410 खरीद केंद्र बनाए हैं। इनमें सबसे अधिक सिरसा में 64, फतेहाबाद 51, हिसार 29, कैथल 41, जींद 35, सोनीपत 24, कुरुक्षेत्र-करनाल 23-23 खरीद केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा, चने और सरसों के लिए भी खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। गेहूं का एमएसपी रेट 2015, सरसों 5050, चना 5230 और जौ 1635 रुपये है।
2.77 लाख एमटी गेहूं खरीदा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक अप्रैल तक अब तक 2.77 लाख एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। करीब 44414 किसानों की इस फसल के करीब 559 करोड़ रुपये बनते हैं। वहीं, सरसों की नाममात्र की सरकारी खरीद हो पाई है। अधिकतर किसान मंडी से बाहर ही फसल बेच रहे हैं।
बढ़ सकते हैं तेल और आटे के दाम
सरसों और गेहूं की फसल का एमएसपी से अधिक बिकने से भविष्य में सरसों का तेल और आटा महंगा हो सकता है। इस समय सरसों का तेल 200 रुपये प्रति लीटर और आटा 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि भविष्य में इसके रेट और बढ़ने की आशंका है।
हरियाणा में मार्केट फीस चार प्रतिशत है, जो अन्य राज्यों से अधिक है। अगर फीस कम होती तो और ज्यादा कंपनियां हरियाणा में गेहूं-सरसों खरीद के लिए आतीं। इससे किसानों को और फायदा होता। - रजनीश चौधरी, संयोजक, आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा
फसल बेचने में किसान जल्दबाजी न करें और न ही किसी की जालसाजी में फंसे। व्यापारियों या फिर कंपनियों से लिखित में समझौता करें, केवल जुबानी तौर पर फसल न बेचें। - रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू