चंडीगढ़ में कोरोना के मरीजों में तेजी से बढ़ रही ऑक्सीजन की कमी से अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गई है। इस कारण ऑक्सीजन पाइपलाइन पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा है। ऐसी स्थिति में अनहोनी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी पूरी करने में जुटा हुआ है।
पाइप लाइन पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए पतले पाइप लाइन की जगह मोटे पाइप लगवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मांग बढ़ने पर केंद्र सरकार से 15 एमटी ऑक्सीजन की मांग भी की है। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार इस मांग को पूरा कर देगी। मौजूदा समय में पीजीआई को 20 एमटी और शहर के अन्य अस्पतालों के लिए 20 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
15 एमएम की जगह 22 एमएम का लगा डायमीटर
ऑक्सीजन सप्लाई के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि अस्पतालों में तेजी से बढ़ रही ऑक्सीजन डिमांड से प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन को अपग्रेड किया जा रहा है। जहां-जहां छोटे डायमीटर वाले लाइन थे, उन्हें बदलकर बड़े डायमीटर वाले पाइप लगवाए जा रहे हैं। 15 एमएम की जगह 22 एमएम की पाइप लगाई जा रही है, ताकि ऑक्सीजन का दबाव बढ़ने पर भी किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
एक मिनट में डेढ़ हजार लीटर ऑक्सीजन हो रही प्राप्त
जीएमएसएच 16, सेक्टर- 48 और जीएमसीएच- 32 में लगाए गए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की मदद से 1 मिनट में डेढ़ हजार से ज्यादा लीटर ऑक्सीजन प्राप्त हो रही है। डॉ. मनजीत ने बताया कि जीएमएसएच 16 में प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट, जीएमसीएच- 32 में एक हजार व 48 कोविड अस्पताल में 100 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जनरेट किया जा रहा है।
तीन और प्लांट लगाने का भेजा प्रस्ताव
डॉ. मनजीत ने बताया कि सरकार ने कोविड-19 के मामलों को देखते हुए पिछले दिनों और प्लांट लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव मांगा था। इसे गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने मनीमाजरा, सेक्टर 22, सेक्टर- 45 के सिविल अस्पताल में प्लांट लगाने संबंधी प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें मनीमाजरा में 200, सेक्टर- 22 में 100 और सेक्टर- 45 में 100 एलपीएम की क्षमता वाले प्लांट की मांग की गई है।
शहर के किसी भी सरकारी व निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट से हो रही आपूर्ति ने कमी वाली स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी है। अब विभाग का पूरा फोकस आपूर्ति व उसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। -डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक