आंगनबाड़ी वर्करों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी करते हुए सरकार ने उन्हें नए साल का तोहफा दिया है। सीएम प्रकाश सिंह बादल ने आंगनबाड़ी वर्करों को मेडिकल लीव का तोहफा दिया है। अब आंगनबाड़ी वर्करों को वेतन के साथ एक महीने की मेडिकल लीव मिलेगी।
ऑल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन के दल ने हरगोबिंद कौर की अगुवाई में बादल से उनके निवास पर मुलाकात की। पहले आंगनबाड़ी वर्करों को सिर्फ दस दिन की मेडिकल लीव मिलती थी। सीएम ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि आठ सौ आंगनबाड़ी केंद्रों की अधूरी इमारतें पूरी करने को समाज भलाई विभाग को 18 करोड़ रुपये जारी किए जाएं। इन इमारतों के निर्माण को सरकार 18 करोड़ पहले ही जारी कर चुकी है।
बादल ने 68 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण शुरू करने पर भी सहमति दी। उन्होंने दल को भरोसा दिया कि आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर प्रमोट करने के लिए अनुभव दस से घटा कर तीन साल करने का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाएंगे।
सीएम ने समाज भलाई मंत्री को कहा कि समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड व पंजाब बाल कल्याण काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप चलाए जाते आठ आंगनबाड़ी ब्लॉकों को विभाग में तब्दील करने का जायजा लें, ताकि इन केंद्रों का काम दुरुस्त किया जा सके।
समाज भलाई सचिव को निर्देश दिए गए कि सुपरवाइजर पद के लिए वेटिंग लिस्ट में रखे गए बीस उम्मीदवारों जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। टीईटी पहले पास कर चुके 50-60 आंगनबाड़ी वर्करों को टीचर नियुक्त करने की मांग पर उन्होंने समाज भलाई विभाग से कहा कि शिक्षा विभाग से इन्हें आयु सीमा में छूट देेने का मुद्दा उठाया जाए।
आवश्यक योग्यता वाले आंगनबाड़ी वर्करों में से एएनएम के लिए दस प्रतिशत पद आरक्षित रखने की मांग भी उठी। प्रमुख सचिव, सेहत ने सीएम को बताया कि परसोनल और एलआर विभाग से सेवा नियमों में संशोधन की स्वीकृति लेने के बाद यह मामला कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुरजीत ज्याणी भी मौजूद थे।