हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से नौवीं तक के स्कूल भी खोलने की तैयारी कर ली है। विभाग ने दस फरवरी से इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी स्कूल बुलाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। जिसमें कहा गया है कि अब प्रदेश में कोरोना संक्रमण दर कम हो गई है। रोजाना के मामलों में भी बड़ी गिरावट आई है। इसलिए दस फरवरी से सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाए।
हरियाणा के 13 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। अब वे बोर्ड परीक्षाओं में केंद्र अधीक्षक व सुपरवाइजर के पद पर ड्यूटी दे सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने नियमित शिक्षकों के विरोध को दरकिनार कर दिया है। नियमित शिक्षक इसका विरोध करते आ रहे थे। उनका तर्क है कि वे अतिथि शिक्षकों के नीचे बोर्ड परीक्षाओं में काम नहीं करेंगे।
विभाग ने उनके तर्क को खारिज करते हुए सोमवार को आदेश जारी कर दिए। निदेशक सेकेंडरी शिक्षा ने सभी डीईओ, डीईईओ को पत्र जारी कर दिया है। अब अतिथि शिक्षकों की ड्यूटी केंद्र अधीक्षक व सुपरवाइजर के पद से नहीं कटेगी। उनसे बोर्ड की तरफ से लगाई गई ड्यूटी ली जाएगी। निदेशक ने कहा कि नियमित शिक्षक उन्हें ड्यूटी देने का विरोध नहीं कर सकेंगे। उनके संज्ञान में आया है कि ड्यूटी लगने पर अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षक रोकते हैं। यह उचित नहीं है। डीईओ, डीईईओ यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में उनके कार्य में कोई बाधा न पहुंचा पाए।
स्कूल शिक्षा विभाग ने आंदोलन के दौरान बंद की गई अतिथि शिक्षकों की सीएल यानी आकस्मिक अवकाश बहाल कर दिए हैं। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सोमवार को इसका पत्र जारी कर दिया। सेवा नियम बनाने व पक्का करने की मांग को लेकर अतिथि शिक्षक यमुनानगर में शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर हाईवे पर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने धरने के लिए सीएल लेना शुरू कर दीं। जिस पर विभाग ने सीएल पर रोक लगा दी थी। अब ये शिक्षक सीएल ले सकते हैं। यमुनानगर का मुख्य धरना इन्होंने खत्म कर दिया था। अब जिलावार पांच-पांच लोग हर दिन धरने पर बैठते हैं। 43 दिन से इनका आंदोलन चल रहा है। पुरुष अतिथि शिक्षकों को साल में 15 व महिलाओं को 20 सीएल मिलती हैं।