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कृषि मंत्री को पत्र: किसानों के पक्ष में आईं पटियाला सांसद परनीत कौर, गर्मी से फसल को हुए नुकसान का मांगा मुआवजा

Tue, 12 Apr 2022 07:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

परनीत कौर ने केंद्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया है कि इन किसानों को उनके नुकसान को पूरा करने के लिए मुआवजा मिले क्योंकि खेती ही उनकी एकमात्र आजीविका है और पंजाब की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है।
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परनीत कौर की फाइल फोटो।
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विस्तार
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पटियाला से सांसद और पूर्व विदेश मंत्री परनीत कौर किसानों के पक्ष में उतर आईं हैं। उन्होंने गर्मी से गेहूं को हुए नुकसान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुआवजे की मांग की है। केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि बारिश की कमी के कारण इस वर्ष पंजाब में गर्मी ने कई साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इससे गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इस वर्ष गेहूं की उपज में अनुमानित 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। हर किसान को प्रति एकड़ लगभग 5-7 क्विंटल गेहूं का नुकसान हुआ है।

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पटियाला की सांसद ने कहा कि पहले एक एकड़ में 20 से 22 क्विंटल की उपज होती थी लेकिन इस बार भीषण गर्मी के कारण उपज 15 से 17 क्विंटल ही हुई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और यह गणना कर रहे हैं कि प्रति किसान प्रति एकड़ करीब 10-15 हजार रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया है कि इन किसानों को उनके नुकसान को पूरा करने के लिए मुआवजा मिले क्योंकि खेती ही उनकी एकमात्र आजीविका है और पंजाब की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है।

पातड़ा तक बने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे
पटियाला सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस हाईवे क्रॉसिंग पातड़ा घग्गा स्टेट हाईवे पर बनाया जा रहा है और जिला पटियाला में इसकी कोई पहुंच नहीं दी गई है। इससे वे इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, इसलिए अनुरोध है कि इस एक्सप्रेस-वे पर गांव दफ्तरीवाला, घग्गा, सब डिवीजन पातड़ा जिला पटियाला के पास तक पहुंच की जाए।
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41 डिग्री तापमान में मुरझाने लगी खेतों में लहरा रही फसल 
अप्रैल माह में ही 41 डिग्री तक पहुंचे तापमान के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। हालात यह हैं कि तेज धूप और गर्मी के कारण गेहूं की फसल जल्दी तैयार हो गई है, जिससे गेहूं के दाने का पूर्ण विकास नहीं हो सका। इससे गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ेगा। 

मौसम विभाग के अनुसार 2008 के बाद पहली बार गेहूं के सीजन में इतना तापमान देखने को मिला है। गेहूं के अलावा सब्जियों पर भी इस मौसम की मार पड़ रही है। इस बारे में नौग्गजा के किसान अमरीक सिंह का कहना है कि अप्रैल में पड़ रही गर्मी के कारण प्रति एकड़ 4 क्विंटल तक पैदावार कम हो रही है। किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अप्रैल माह में तापमान 44 डिग्री तक जा सकता है। खेतीबाड़ी विभाग किसानों को गेहूं व सब्जियों के खेतों में नमी बरकरार रखने की ताकीद कर रहा है। विभाग का कहना है कि किसान गेहूं और सब्जियों को पानी देते रहें। 

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