पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचसीएस ज्यूडीशियल की प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक होने की बात हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक स्तर पर मान लिए जाने और पेपर रद्द करने की सिफारिश के बाद पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी है।
पंचकूला के पिंजौर निवासी एडवोकेट सुमन की शिकायत ने पेपर लीक कर इसे डेढ़ करोड़ में बेचने का भंडाफोड़ किया था। पेपर लीक होने की जानकारी के बावजूद परीक्षा की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच एक छोटी सी गलती ने अधिकारियों के सिर पर तलवार लटका दी है। अभी तक इस मामले में केवल रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट और दो टॉपर सुशीला और सुनीता पर ही एफआईआर की सिफारिश की गई है। लेकिन मोबाइल कंपनियों की कॉल डिटेल में अभी और नाम सामने आ सकते हैं।
मामला इतना बड़ा है कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इसे गंभीर मानते हुए चीफ जस्टिस को रेफर कर फुल बेंच को सौंपने की सिफारिश कर दी थी। इस केस में की जांच में रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट द्वारा आरोपी से फोन पर बातचीत और मैसेज से 760 बार संपर्क होने का मामला सामना आया। जबकि रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट ने पहले बयानों में आरोपियों से किसी भी प्रकार की पहचान से मना किया था। जांच का दायरा बढ़ जाने के कारण अब जितने आवेदक आरोपियों के संपर्क में होंगे वे सभी जांच के दायरे में आ जाएंगे। हरियाणा सरकार ने 20 मार्च 2017 को विज्ञापन निकाल कर 109 एचसीएस ज्यूडिशियल पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए पिंजौर निवासी एडवोकेट सुमन ने भी आवेदन किया था।