शिक्षा विभाग के लिए मार्च में वर्ष 2022-23 के प्री मेट्रिक स्कालरशिप फार एससी एंड अदर स्कीम के अधीन जारी किए गए वजीफे की तकनीकी गड़बड़ी से दो और तीन बार अतिरिक्त अदायगी हुई थी। इसकी वसूली अभी तक मुसीबत बना हुआ है।
बठिंडा में कुल 816 विद्यार्थियों को दो और तीन बार वजीफा जारी हुआ था। जिसमें कुल 11.71 लाख रुपये अतिरिक्त विद्यार्थियों के खातों में चले गए थे। इसमें से 181 विद्यार्थियों से 2.53 लाख रुपये की वसूली अभी तक भी बाकी है। जबकि मानसा की हालत खराब है। मानसा में 1670 विद्यार्थियों को 24,20,600 रुपये की फालतू अदायगी हुई है। लेकिन अभी तक 884 विद्यार्थियों से 12,38,900 रुपये की ही वसूली ही हो पाई है।
20 अक्तूबर तक रिकवरी के थे आदेश
इस बारे में डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा विभाग पंजाब की वजीफा शाखा की सहायक डायरेक्टर की तरफ से 26 सितंबर को राज्य के तमाम जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियों को पत्र जारी किया गया था। इसमें बताया गया था कि एससी विद्यार्थियों को प्री मेट्रिक के वर्ष 2022-23 के वजीफे की अदायगी करते समय पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल में टेक्नीकल ग्लिच होने के कारण 23001 लाभार्थी विद्यार्थियों को डबल तथा 694 विद्यार्थियों को ट्रिपल पेमेंट हो गई है।
प्रति विद्यार्थी 1400 रुपये स्टेट शेयर एवं 2100 रुपये सेंटर शेयर की अदायगी करनी थी। लेकिन गलती से 1400 और 2800 रुपये की अतिरिक्त अदायगी हो गई है। संबंधित विद्यार्थियों को सूची जारी करते हुए सहायक डायरेक्टर ने कहा था कि वे उनसे अतिरिक्त अदायगी की रिकवरी करके विभाग के प्री मेट्रिक स्कालर्शिप फार एससी स्कीम से संबंधित बैंक खातों में जमा करवाकर इसकी रिपोर्ट करें। स्कूल मुखी एक बार में ही सभी विद्यार्थियों से रिकवर की राशि खाते में जमा करवाएं।
उन्होंने कहा था कि समूह जिला शिक्षा अधिकारी 20 अक्टूबर तक रिकवरी करके इसकी रिपोर्ट मुख्य कार्यालय को भेजना यकीनी बनाएं। विद्यार्थियों के खातों में कुल 3,41,44,600 रुपये अधिक चले गए हैं।
गरीब परिवारों के लिए भी पैसे वापस करना हुआ मुश्किल
संबंधितों स्कूलों के शिक्षकों के अथक प्रयासों के बावजूद बीती 20 अक्टूबर तक पूरी रिकवरी करना अभी तक भी नहीं हो पाई है। शिक्षकों का कहना है कि तमाम लाभार्थी विद्यार्थी गरीब परिवारों से हैं और उनके परिजन यह राशि निकलावर कब की खर्च कर चुके हैं। काफी परिजनों ने तो किसी तरह से राशि लौटा दी है, लेकिन अन्यों का कहना है कि अभी उनके पास देने के लिए पैसे नहीं हैं। जब कहीं से पैसे आएंगे तो लौटा देंगे।
वसूली के लिए हर संभव प्रयास जारी: डीईओ
मानसा के जिला शिक्षा अधिकारी हरिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक की वसूली की जा चुकी है। जबकि अन्य राशि की वसूली के लिए भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों को इस काम में लगाया हुआ है।